भागलपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। आरएसएस के स्वयंसेवक इसका पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। आज कल आरएसएस ने कुटुम्ब शाखा लगाने पर ज्यादा जोर दिया है। हालांकि कुटुम्ब शाखा का स्वरूप संघ के प्रारंभिक के दौर से ही है। कुटुम्ब शाखा घरों में लगाई जाती है। इस शाखा में अपने-अपने घरों में स्वयंसेवक अपने स्वजनों के साथ उपस्थित होकर कार्यक्रम करते हैं और अंत में संघ की प्रार्थना 'नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे' होती है। स्वयंसेवकों ने कुटुम्ब शाखा में नित्य प्रार्थना करने की अनिवार्यता को जारी रखा है।

आरएसएस के सभी कार्यक्रम स्थगित

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए केंद्र और राच्य सरकार के अलावा जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए आरएसएस के सभी कार्यक्रम स्थगित हैं। हालांकि स्वयंसेवक जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवाई आदि भी पहुंचा रहे हैं। साथ ही आरएसएस के कार्यकर्ता कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। इन दिनों संघ पूरी तरह सिर्फ सेवा कार्य करने में लगा है। जरूरतमंद लोगों को हर संभव मदद की जा रही है। आरएसएस की रोज लगने वाली शाखाएं बंद हैं। यहां तक कि चैत्र शुक्ल पक्ष एक को आयोजित होने वाले वर्ष प्रतिपदा उत्सव भारतीय यानी हिंदू नववर्ष और आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती भी सभी स्वयंसेवकों ने अपने-अपने घरों में अलग-अलग मनाया था। इस दिन आद्य सरसंघचालक प्रणाम किया जाता है। स्वयंसेवकों ने अपने घर में वर्ष प्रतिपदा उत्सव के दौरान आद्य सरसंघचालक प्रणाम किया था। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने ने आरएसएस ने अपनी प्रतिनिधि सभा की बैठक भी स्थगित कर दी थी। आरएसएस ने अपने सभी स्तर की बैठकों, वर्ग और प्रशिक्षण आदि को रोक दिया गया है। हालांकि स्वयंसेवक प्रतिदिन अपने घरों में अपने स्वजनों के साथ प्रार्थना कर रहे हैं।

Posted By: Dilip Shukla

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