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बिहार के 7 युवक दुबई में फंसे, रोते हुए सरकार से लगाई मदद की गुहार; एजेंट पर ठगी का आरोप

Published: Fri, 21 Aug 2026 12:24 PM (IST)

बिहार के पूर्णिया और किशनगंज जिलों के सात युवक दुबई में नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हो गए ...और पढ़ें

युवकों के परिजन। फोटो जागरण

युवकों के परिजन। फोटो जागरण

HighLights

  1. पूर्णिया और किशनगंज के 7 युवक दुबई में फंसे।

  2. एजेंट ने नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी की।

  3. पासपोर्ट जब्त कर लिए, युवक सरकार से मदद मांग रहे।

संवाद सहयोगी, बैसा (पूर्णिया)। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मीरगंज के तीन एवं किशनगंज जिले के कोचाधामन थाना क्षेत्र अंतर्गत मिर्चानटोला के चार युवक दुबई में फंस गए हैं। नौकरी के नाम पर इनसे डेढ़-डेढ़ लाख की ठगी और पासपोर्ट जब्त करने का आरोप युवकों ने लगाया है।

इस मामले में फसे युवकों ने वीडियो जारी कर सरकार एवं प्रशासन से मदद मांगी है। बताया जाता है की बेहतर नौकरी और अच्छे भविष्य का सपना लेकर दुबई पहुंचे बिहार के पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड के तीन एवं किशनंगज के कोचाधामन प्रखंड के चार युवक अब मुश्किलों में फंस गए हैं।

युवकों ने वीडियो संदेश भेजकर आरोप लगाया है कि उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंट ने लाखों रुपये लिए, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद न नौकरी मिली और न ही पासपोर्ट वापस किया गया। युवकों ने वीडियो शेयर कर अपनी परेशानी बताई और भारत सरकार व स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

पीड़ित युवकों के अनुसार बैसा प्रखंड के बैसा गांव निवासी एजेंट नाहिद गनी ने उन्हें दुबई में मोजा फैक्टरी में अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन दिलाने का भरोसा दिया था। इसी उम्मीद में सभी युवकों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये एजेंट को दिए।

युवकों का कहना है कि दुबई पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि हालात उनके बताए गए वादों से बिल्कुल अलग हैं। उन्हें नौकरी नहीं मिली और रहने-खाने की समस्या भी खड़ी हो गई।

युवकों ने पासपोर्ट जब्त करने का लगाया आरोप, खाने तक के पड़े लाले

पीड़ित युवकों ने आरोप लगाया है की दुबई पहुंचने के बाद उनका पासपोर्ट एजेंट की ओर से अपने कब्जे में ले लिया गया। पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण वे वापस भी नहीं लौट पा रहे हैं।

नौकरी नहीं मिलने और पैसे खत्म हो जाने के बाद अब युवकों के सामने खाने-पीने तक का संकट खड़ा हो गया है। वीडियो कॉल के जरिए उन्होंने अपनी स्थिति बताई और मदद की अपील की।

पीड़ित युवकों में दिलफरोज आलम, नासिर आलम, रब्बान खान, दानिश, नाजिश, शमशाद समेत एक अन्य युवक शामिल हैं। तीन बैसा प्रखंड एवं चार कोचाधामन प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

वीडियो वायरल कर मांगी मदद, एजेंट पर धमकी देने का आरोप

युवकों ने अपनी परेशानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। उन्होंने पूर्व विधायक मुजाहिद आलम से भी मदद की गुहार लगाई है। युवकों का आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद एजेंट की ओर से उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और डराया जा रहा है।

वहीं पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वे इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करेंगे और युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।

सात युवकों के दुबई में फंसे होने की खबर के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि युवकों से लाखों रुपये लेने के बाद नौकरी नहीं दिलाना गंभीर मामला है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि युवकों के आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।

वहीं, इस संबंध में हाजी नाहीद गनी ने बताया कि उनपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद है। मीरगंज के तीनों युवकों को जहाज फैक्टी के हेल्पर के रूप 1000 दिरहम महीने के हिसाब से भेजा गया था। वह काम उसको वहां मिला भी, लेकिन किसी के बहकावे में आकर काम छोड़ दिया।

अब उनके परिजनों ने तरह -तरह का आरोप मुझपर लगाया, जो बिल्कुल गलत है। अब अन्य चार युवक भी उन तीनों युवकों का साथ मिलकर हम पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

वहीं, पूर्णिया एसएसपी डॉ. शोर्य सुमन ने बताया की उन्हें इस संबंध में किसी तरह की जानकारी परिजनों द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गयी है। अगर परिजन किसी तरह की शिकायत करते है तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।

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