चिट्ठी में 'टाटा-बाय बाय' लिख प्रेमी संग 16 महीने में भागी 39 पत्नियां, भागलपुर में पति लगा रहे गुहार
भागलपुर में पारिवारिक रिश्ते बिखर रहे हैं, जहां 16 महीनों में 39 शादीशुदा महिलाएं मामूली तकरार के बाद पतियों को छोड़कर प्रेमियों संग फरार हो गईं।

16 महीने में भागी 39 पत्नियां (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
16 माह में 39 पत्नियां प्रेमी संग फरार हुईं।
मोबाइल चैटिंग, पुराने प्रेम संबंध मुख्य कारण।
अधिकांश महिलाएं पतियों के पास नहीं लौटीं।
कौशल किशोर मिश्र, भागलपुर। जिले में पारिवारिक रिश्ते बिखरने की अजीब तस्वीर सामने आ रही है। मामूली तकरार के बाद पत्नियां पति से दूरियां बना ले रही हैं और प्रेमी संग फरार हो जा रही हैं।
वर्ष 2025 से अप्रैल 2026 में अबतक 39 शादीशुदा महिलाएं घर छोड़कर दूसरे के साथ वैवाहिक जीवन बिता रही हैं। पतियों ने इशाकचक, बरारी, जोगसर, तातारपुर, घोघा समेत कई थानों में केस दर्ज कराकर बरामदगी की गुहार लगाई है।
कई मामलों में पत्नियों ने चिट्ठी लिख छोड़ी...मेरी मंजिल कुछ और है, इसलिए जा रही हूं। कोई टाटा तो कोई बाय-बाय लिखकर चुपचाप निकल गई।
थानावार आंकड़ा और मॉड्स आपरेंडी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 2025-26 में दर्ज केस का थानावार ब्यौरा कुछ इस प्रकार है। इशाकचक में नौ, बरारी में सात, जोगसर में छह, तातारपुर में पांच, घोघा में चार, नाथनगर में पांच समेत अन्य थानों में तीन मामले मिलाकर कुल कुल 39 केस दर्ज हैं।
अस्सी प्रतिशत मामलों में शादी को हुए एक से पांच माह हुए थे। ज्यादातर घटनाएं मोबाइल-चैटिंग, पुराने प्रेम-संबंध या दहेज-तकरार के बाद हुईं। सत्तर प्रतिशत केस में महिलाएं पहले से किसी के संपर्क में थीं। एक्स्ट्रा-मैरिटल रिलेशन बाद में सामने आया।
केस स्टडी- एक
इशाकचक का मामलाइशाकचक थाना क्षेत्र के सुरेश मंडल ने 12 मार्च 2026 को केस कराते हुए कहा कि शादी के तीन साल बाद पत्नी काजल मोबाइल पर देर रात बात करती थी। रोक-टोक पर झगड़ा हुआ। अगले दिन काजल एक चिट्ठी छोड़ गई...सॉरी, मेरी मंजिल कुछ और है। मुझे मत ढूंढना। जांच में पता चला वह मुंगेर के अपने पुराने प्रेमी विकास के साथ भागी है। दोनों अब दिल्ली में लिव-इन में हैं। सुरेश ने अपहरण का केस किया है, पर काजल ने कोर्ट में बालिग होने और मर्जी से जाने का बयान दिया।
केस स्टडी दो
बरारी थानाक्षेत्र के ऑटो चालक रंजीत साह की पत्नी रीना देवी दो बच्चों को नानी का घर छोड़कर प्रेमी संग फरार हो गई। जाते-जाते व्हाट्सएप पर पति को लिखा ... टाटा, अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकती।
रंजीत का आरोप है कि पत्नी का पड़ोस के युवक से छह महीने से अफेयर था। घर में रोज तकरार होती थी। रंजीत ने थाने में केस किया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से रीना को बंगाल के आसनसोल से बरामद किया, पर उसने पति के साथ जाने से इनकार कर दिया। अब मामला कोर्ट में है।
क्यों टूट रहे रिश्ते
मनोविज्ञानी डॉ. राजेश कुमार तिवारी की माने तो इंटरनेट मीडिया पर चैटिंग पुराने प्रेमी से फिर जुड़ाव, इंस्टा-फेसबुक पर दोस्ती मामूली तकरार, रोक-टोक, मोबाइल पासवर्ड, घर के काम पर झगड़ा, आर्थिक तंगी, पति की कमाई कम, प्रेमी का लालच देना, अरेंज मैरिज में बेमेल, पसंद के बिना शादी, बाद में पुराने प्यार की याद से रिश्ते तार-तार हो जा रहे हैं।
डॉ. तिवारी ने बताया कि महिला के बालिग होने और न्यायालय में दर्ज कराए गए बयान में मर्जी से जाने की बात कहने पर केस कमजोर हो जाता है। बरामदगी बाद भी महिला पति के साथ जाने से इनकार कर दे तो पुलिस जबरदस्ती नहीं भेज सकती। ऐसे में परिवार विघटन के कगार पर पहुंच जाता है। बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
सिर्फ चार ही पति के साथ लौटीं
कुछ थानेदारों का कहना है कि अधिकांश मामले में महिलाएं बरामद हो चुकीं, पर सिर्फ चार ही पति के साथ लौटीं। बाकी ने कोर्ट से सुरक्षा लेकर प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया।
मनोविज्ञानी का मानना है कि सात फेरे का भरोसा टूट रहा है। मामूली तकरार में घर छोड़ना और एक्स्ट्रा-मैरिटल लाइफ चुनना, परिवार संस्था को कमजोर कर रहा है। काउंसलिंग सेंटर और महिला-पुरुष हेल्पलाइन को मजबूत करने की मांग उठ रही है, ताकि बात-चीत से मसले सुलझें और रिश्ते बच सकें।
