जागरण संवाददाता, मुंगेर। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री (First CM of Bihar), आधुनिक बिहार के निर्माता, बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की 134 वीं वर्षगांठ श्री कृष्ण सेवा सदन पुस्तकालय में समारोह पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डीआईजी पंकज कुमार सिन्हा, डीएम नवीन कुमार, एसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, आयोजक ट्रस्ट के सचिव प्रो. प्रभात कुमार ने श्रीकृष्ण सिन्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। प्रो. प्रभात कुमार ने अतिथियों को श्री कृष्ण सेवा सदन पुस्तकालय और श्रीबाबू के जीवन से जुड़ी स्मृतियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रो.कुमार ने कहा कि श्रीबाबू ने लगभग 45 वर्ष के सक्रिय राजनीतिक जीवन में जिस निर्भिकता, साहस, स्वाभिमान, व्यक्तिगत ईमानदारी और चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने वाले युगद्रष्टा चिंतक की तरह काम किया। वह भारतीय इतिहास और राजनीति में अखिल भारतीय स्तर पर स्मरण करने योग्य है। राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े हुए होने के कारण वे जनता की अपेक्षा और उसके दुख दर्द को समझने वाले उदार हृदय नेता थे। बिहार केसरी की उपाधि से सम्मानित श्रीबाबू के नाम से जनता के बीच जो लोकप्रियता उनको हासिल हुई वह दुर्लभ है। वह भविष्य दृष्टा राजनीतिक चिंतक थे। उन्होंने अपने समय में ही बिहार के राजनीतिक भविष्य को लेकर जो भविष्यवाणी की, उसका प्रमाण बाद में देखने को मिला।

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उन्होंने कहा कि श्री बाबू के जैसे दुर्लभ व्यक्तित्व का होना मुंगेर के लिए गर्व और गौरव की बात है। इस अवसर पर नवल किशोर प्रसाद सिंह, मु. महफूक आलम, दिनेश कुमार, सदानंद सिंह, शिव शंकर झा, प्रो. डा. मयंक रंजन, संजय कुमार, मुख्यालय डीएसपी, नंदजी प्रसाद, नीरज कुमार, प्रो. सुधीर कुमार, प्रो. मयंक मधुकर , नीरज कौशिक प्रो. विद्या चौधरी, प्रो. अवनीश चन्द्र पाण्डेय , प्रो. कृपा शंकर पाण्डेय, प्रो सुनील गुप्ता रहे।

Edited By: Shivam Bajpai