जागरण संवाददाता, भागलपुर। दैनिक जागरण समूह के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त के निधन से शोक की लहर है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के प्रभारी कुलपति और बीआरए विवि मुजफ्फपुर के कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय भी उनके निधन से आहत हैं। उन्होंने कहा कि योगेंद्र मोहन गुप्त जी का निधन पत्रकारिता के एक युग का अंत है। उनका इस क्षेत्र में अवस्मरणीय योगदान रहा है। जिसे देश नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में परिवार को भगवान सहन शक्ति प्रदान करें।

योगेंद्र मोहन जी का निधन आहत करने वाला है। इस दुख की घड़ी में मेरी पूरी संवेदना परिवार के साथ है। श्री गुप्त का निधन पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति है। इस कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता है। पुण्यात्मा को भगवान शांति प्रदान करें। - प्रो. रमाशंकर दुबे, कुलपति केंद्रीय विश्वविद्यालय, गुजरात और पूर्व कुलपति टीएमबीयू

दैनिक जागरण समूह के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त का निधन की सूचना आहत करने वाली है। भगवान इस दुख की घड़ी में उनके परिवार को सहन शक्ति प्रदान करें। साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए हम सभी प्रार्थना करते हैं।  - प्रो. रमेश कुमार, प्रति कुलपति टीएमबीयू

योगेंद्र मोहन गुप्त का निधन मर्माहत करने वाला है। उनके जैसे लोग विरले होते हैं। उन्होंने पत्रकारिता जगत में क्रांति की थी। प्रभु से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उनका जाना सचमुच दुखदायी है।  - प्रो. अरविंद चौबे, निदेशक ट्रिपल आइटी भागलपुर

योगेंद्र मोहन गुप्त जी के निधन की खबर दुखदायी है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। ऐसे लोग काफी कम होते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं।  - डा. निरंजन प्रसाद यादव, कुलसचिव टीएमबीयू

योगेंद्र मोहन गुप्त के निधन पर शोकाकुल जागरण परिवार ने दी श्रद्धांजलि

दैनिक जागरण समूह के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त के निधन से शोकाकुल जागरण परिवार के सदस्यों ने शनिवार को दो मिनट का मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भागलपुर जागरण परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले स्व. योगेंद्र मोहन गुप्त के तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इसके बाद दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। दैनिक जागरण को ऊंचाई पर ले जाने में योगेंद्र मोहन जी ने महती भूमिका निभाई। अखबार को ऊंचाई देने के साथ ही लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी और पूर्णचंद्र गुप्त स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अंतिम समय तक पूरी सक्रियता से काम किया। इसका सुखद परिणाम यह रहा कि अखबार तो समृद्ध हुआ ही, साथ ही ट्रस्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ख्याति अर्जित की। बनारस, कानपुर सहित कई जगहों पर जागरण के शिक्षण संस्थान सुशिक्षित समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है। जागरण के सात सरोकार में से एक सुशिक्षित समाज के सपनों को धरातल पर उतराने में उनका प्रयास काफी सराहनीय रहा।

Edited By: Dilip Kumar Shukla