संजीव मिश्रा, संवाद सूत्र (कटिहार)। Child Labour: प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर चल रहे मखाना फोड़ी के काम में बाल श्रमिकों से काम लिया जा रहा है। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मखाना फोड़ी के लिए बाल श्रम की भट्ठी में झोंका जा रहा है। काम करने से इंकार करने पर मारपीट व प्रताडि़त किया जाता है। दो दिन पूर्व प्रताड़ना से तंग आकर शौच के बहाने भागे एक बच्चे का वीडियो वायरल हुआ है। सोनैली के मखाना फोड़ी के कुटीर उद्योग से मारपीट व प्रताड़ना से तंग होकर भागे बच्चे की आपबीती रोंगटे खड़े कर दे रही है।

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगां में भी आक्रोश है। बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र के कई स्थानों सहित सोनैली बाजार में पिछले कई वर्षों से मखाना का कारोबार किया जा रहा है। मधुबनी व दरभंगा से मजदूर मखाना फोड़ी के लिए पहुंचते हैं। दलालों द्वारा कम उम्र के बच्चों को भी बाल मजदूरी के लिए यहां लाया जाता है। सोमवार को सोनैली हसौना के समीप स्थित एक मखाना फोड़ी उद्योग से भाग कर 12 वर्षीय बालक गांव पहुंचा। बच्चे को रोता बिलखता देख स्थानीय लोगों ने बच्चे से पूछताछ की। तो उसने बताया कि मखाना व्यवसायी सुपौल निवासी चंदन सहनी के द्वारा उसे समस्तीपुर से यहां लाया गया था। उसके साथ चार अन्य बच्चे भी हैं।

यहां दिन भर काम कराने के बाद रुखा सूखा खाने को दिया जाता है। साथ हीं वहां काम कराने के दौरान पिटाई भी की जाती है। शरीर पर पिटाई से पड़े निशान को भी बच्चे ने दिखाया। स्थानीय लोगों ने बच्चे को कदवा पुलिस को सौंप दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मखाना के कतिपय कारोबारियों का दलालों से मजबूत गठजोड़ है। दलालों द्वारा दूसरे जिले से बाल मजदूरी के लिए बच्चों को लाया जाता है। विभागीय स्तर से भी कार्रवाई व छापामारी के नाम पर औपचारिकता ही पूरी की जाती है। लोगों ने धवादल का गठन कर मखाना फोड़ी उद्योग की जांच करा दोषी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Shivam Bajpai