आनलाइन डेस्‍क, भागलपुर। बिहार के भागलपुर में एक ऐसी शादी की गई, जिसमें न तो बैंड था और न ही बाजा और बाराती। यहां तक की शादी के लिए मंडप भी तैयार नहीं किया गया था। बिना सात फेर लिए शादी के सात जन्‍मों के बंधन में बंध गए। इस अनोखी शादी को देखने के लिए आसपास के गांव से बड़ी संख्‍या में लोग पहुंचे थे।  

नारायणपुर प्रखंड के शाहपुर निवासी रामखेलावन दास के पुत्र सुमन कुमार और खगडि़या के देवन दास की पुत्री आशा कुमारी की शादी शुक्रवार की इस्‍माइलपुर में संपन्‍न हुई। सुमन खेती किसानी करते हैं। इस शादी में लड़की पक्ष की ओर से कोई दान दहेज नहीं दिया गया। लड़के के पिता ने बताया कि वह शुरू से दान दहेज के ख‍िलाफ हैं। इसलिए बेटे की शादी में उन्‍होंने कोई दान दहेज नहीं लिया। साथ ही शादी में होने वाले फ‍िजूलखर्ची को रोकने के लिए इस तरह की शादी को अपनाया। 

वहीं, लड़की के पिता देवन दास ने बताया कि वह खेती किसानी कर किसी तरह घर-परिवार चलाते हैं। ऐसे में बेटी की शादी के लिए दान-दहेज देना उनके बस की बात नहीं थी। लेकिन मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्‍ट की पहल के बाद उनकी बेटी की शादी बिना दहेज दिए हो गई। ये उनके लिए खुशी के छन हैं।   

वहीं, इस शादी में अहम भूमिका निभाने वाले संजय रजक और कुमार सौरभ ने बताया कि आज कई बेटियों का विवाह दहेज के कारण रुक जाता है। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज से प्रेरित होकर बिना दान दहेज की शादी के लिए लोगों को हमलोग जागरूक कर रहे हैं। इसी के तहत शुक्रवार को इस्‍माइलपुर में शादी संपन्‍न हुआ। यह शादी पूरी तरह दान दहेज मुक्‍त थी। साथ ही पूरी सादगी के साथ पूरा कार्यक्रम संपन्‍न हुआ। वर और वधू दोनों पक्ष के लोग खुश थे। पूरा शादी कार्यक्रम महज 17 मिनट में संपन्‍न हो गया। 

Edited By: Abhishek Kumar