जागरण संवाददाता, भागलपुर। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में जब वायरल फीवर से पीडि़त बच्चों को बेड नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि एक ही बेड पर तीन-तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दो सप्ताह से ज्यादा दिनों से लगातार वायरल फीवर से बच्चे और वयस्क पीडि़त हो रहे हैं, अभी भी इनकी संख्या में कमी नहीं आई है। बावजूद इसके बेड बढ़ाने के सवाल पर अस्पताल प्रशासन लाचार और विवश बना हुआ है, जबकि अस्पताल में सात सौ से अधिक बेड हैं।

गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर इतनी भवावह थी कि अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर प्रत्येक विभाग में कोरोना से पीडि़त मरीजों को भर्ती करना पड़ा था। इस बार वायरल फीवर से पीडि़त बच्चों और वयस्कों की स्थिति भी वही है। राहत की बात तो यह है कि वायरल पीडि़तों की संख्या भी कम है, अत: किसी तरह मैनेज किया जा रहा है, लेकिन वायरल फीवर से पीडि़त शिशुओं को इमरजेंसी में बेड नहीं मिल पाता। कभी खराब वार्मर में रखकर इलाज किया जाता है तो कभी फर्श पर। मंगलवार को एक बेड पर तीन-तीन बच्चों को रखकर इलाज किया जा रहा था। वहीं इंडोर में वायरल फीवर के अलावा अन्य बीमारियों से पीडि़त बच्चों को भी भर्ती किया जा रहा है। हालत यह है कि कोरोना की तीसरी लहर से निबटने के लिए 10 बेड का आइसीयू बनाया गया, ताकि अगर कोरोना की तीसरी लहर आए तो पीडि़त बच्चों को भर्ती किया जा सके, लेकिन उस आइसीयू में भी अन्य बीमारियों से पीडि़त बच्चों को भर्ती किया गया है। हालांकि अभी आइसीयू चालू नहीं किया गया है।

वायरल फीवर के 15 बच्चे भर्ती, वयस्क भी हुए पीडि़त

मंगलवार को आउटडोर विभाग के शिशु विभाग में 71 बच्चों का इलाज किया गया। इनमें 45 फीसद बच्चे वायरल फीवर से पीडि़त मिले। इमरजेंसी में पांच बच्चों को भी भर्ती किया गया। वहीं इंडोर में 24 घंटे में 15 बच्चे भर्ती हुए। पुरुष और महिला आउटडोर मेडिसीन विभाग में कुल 329 मरीजों का इलाज किया गया। डा. पीबी मिश्रा ने कहा 30 फीसद मरीज वायरल फीवर के मिले। अस्पताल अधीक्षक डा. असीम कुमार दास ने कहा कि अस्पताल में कई जिलों के मरीजों का इलाज किया जाता है। इसलिए बेड कम पड़ रहे हैं। इमरजेंसी के मरीजों के लिए भी बेड की आवश्यकता है। बरामदे में अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों को रखा जा रहा है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla