भागलपुर, जेएनएन। भागलपुर शहर में एक बार फ‍िर डेंगू ने दस्‍तक देनी शुरू कर दी है। इसके बावजूद नगर निगम को चिंता नहीं है। पिछले वर्ष भी  डेंगू ने लोगों को तबाह कर दिया था। वहीं, इस बार तो कोरोना वायरस के संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है।

सुरखीकल में डेंगू इस साल भी कहर बरपा सकता है। यहां पर पिछले साल सबसे अधिक डेंगू के मरीज पाए गए थे। एक मरीज की मौत भी हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद इन इलाकों की साफ-सफाई को लेकर निगम प्रशासन उदासीन है। सुरखीकल में टीएनबी लॉ कॉलेज के पीछे जल निकासी की समस्या दो वर्षों से बनी हुई है। इससे तीन हजार की आबादी पूरी से प्रभावित है। मोहल्ले में नाला निर्माण नहीं होने से निकास प्रभावित है। गलियों व गड्डे में जहां-तहां जलजमाव होने से लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय हिमांशु कुमार शेखर, जर्नाधन, प्रेम शंकर, सुखनंदन दास व विनय सिंह ने नगर आयुक्त को आवेदन देकर समस्या निदान की मांग की है। उन लोगों का कहना है कि घनी आबादी के बीच गंदा पानी जमा होने से लोगों के सेहत पर असर पड़ता रहता है। मच्छर का प्रकोप भी अधिक हैं।

11 लाख की लागत से बनना है नाला

नगर निगम ने पानी निकासी के लिए नाला निर्माण का टेंडर हुआ था। 600 मीटर नाला निर्माण पर 11 लाख रुपये खर्च किए जाने थे। नाला निर्माण कराने गए संवेदक को कुछ दबंगों ने जमीन पर दावा ठोंक भगा दिया। इसके बाद संवेदक ने कार्य बंद रखा है।

पूर्व में बना नाला जाम

चार वर्ष पहले निगम ने सुरखीकल में नाला निर्माण कराया था। बिना लेवल लिए जैसे-तैसे नाला का निर्माण किया गया था। इसकी वजह से निजी प्लाट व गड्ढे में नाला का पानी जमा होता है। सड़क पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।

पार्षद को मिला आश्वासन

पार्षद प्रीति देवी ने नगर आयुक्त को आवेदन देकर जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त जे. प्रियदर्शनी ने सहायक अभियंता को मामले की जांच को लेकर निर्देश दिया है। साथ ही निविदा के बाद नाला निर्माण का कार्य शुरू कराने का भी निर्देश है। अगर इस कार्य में कोई व्यवधान डालता है तो उनपर कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया है।

नाला निर्माण की योजना स्वीकृत है। कुछ लोंगों ने नाले के निकास को बाधित कर दिया है। इससे मोहल्ले की सड़क जलजमाव की जद में हैं। - प्रीति देवी, पार्षद, वार्ड 26

जमीन विवाद की वजह से स्थानीय लोगों ने 2019 जून से कार्य बंद कर रखा है। इसकी शिकायत निगम प्रशासन से की गई है, पर निदान नहीं हुआ। 11 लाख की लागत से 600 मीटर नाला का निर्माण करना है। प्रशासन सुरक्षा दे तभी काम करेंगे। - रजनीश, संवेदक

मेरे संज्ञान में सुरखीकल का मामला है। इसकी जांच भी की गई थी। जमीन विवाद की समस्या को शीघ्र दूर करेंगे। इसके बाद संवेदक से कार्य लिया जाएगा। - सत्येंद्र वर्मा, उपनगर आयुक्त, नगर निगम

Posted By: Dilip Shukla

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