भागलपुर, जेएनएन। चीन हमारे भू-भाग को हड़पने की मंशा से हमेशा अतिक्रमण करता रहता है। दोस्ती की आड़ में चालबाजी करने से बाज नहीं आने वाले चीन ने पहले हिंदी-चीनी भाई-भाई और अब दगाबाजी की थी। एक बार फिर वार्ता के बहाने बुलाकर हमारे सैनिकों को बेरहमी से मार डाला। हमारी सेना सीमा पर हमारे लिए प्राण न्यौछावर कर रही और हम चाइनीज सामानों, एप आदि का इस्तेमाल कर उन शहीदों का अपमान कर रहे हैं। भइया माफ कीजिए ये देश के सम्मान की बात है। पहले चाइनीज एप डिलीट करें हम झट से रिचार्ज कर देंगे।

यहां बता दें कि पिछले दिनों लद्दाख क्षेत्र के भारत-चीन सीमा पर गलवान वैली में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद से पूरे देश में चीन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। लोग न सिर्फ चीन के राष्ट्रपति का पुतला जला रहे हैं, बल्कि चाइनीज उत्पाद का उपयोग न करने का संकल्प लेते हुए चाइनीज सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं। यह आक्रोश सिर्फ शहरी क्षेत्र ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी दिख रहा है। बिहपुर बाजार में चाइनीज मोबाइल सहित अन्य उत्पादों की बिक्री अर्श से फर्श पर पहुंच गई है। बिहपुर में इलेक्ट्रोनिक्स उत्पादों के विक्रेता विकास कपूर ने तो लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपने दुकान में मेड इन चाइना का कोई भी उत्पाद नहीं बेचने का निर्णय लिया है। उन्होंने एक और मुहिम शुरू की है। उनके यहां फोन रिचार्ज कराने आने वालों से वे एक अपील करते हैं कि आप अपने मोबाइल से सारे चाइनीज एप डिलीट करो, तभी रिचार्ज करेगेें। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी लोग चाइनीज उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं। बीते 15 जून के बाद नवगछिया पुलिस जिले में करीब 70 फीसद  लोगों ने विभिन्न शोरूम, आउटलेट व दुकानों में मेड इन चाइना मोबाइल समेत अन्य उत्पाद देखे ही नहीं हैं। लोगों का कहना है कि सैनिकों की शहादत हमें मंजूर नहीं हैं। हमलोग भी चाइनीज उत्पाद का बहिष्कार कर चीन की अर्थव्यवस्था को कमजोर करेंगे।

मोबाईल बाजार में दिख रहा है तेजी

कोरोना संक्रमण के बीच स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक आनलाइन एजुकेशन एवं वर्क टू होम के बढ़ते चलन के कारण बीते दो-तीन माह से नवगछिया पुलिस जिले में मोबाइल की बिक्री में खूब तेजी देखी जा रही है। इस दौरान मेड इन चाइना मोबाइल की खूब बिक्री हुई। लेकिन भारत-चीन सीमा पर गलवान की घटना के बाद चाइनीज मोबाइल की बिक्री बाजारों में सरपट धड़ाम से गिरी है। ग्रामीण इलाके में भी लोग इलेक्ट्रोनिक्स उत्पाद खरीदने से पहले यह देख रहे है कि यह उत्पाद कहां का बना हुआ है।

 

Posted By: Dilip Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस