भागलपुर। सबौर प्रखंड की ममलखा पंचायत के वार्ड 11 में एक नाले को दो एजेंसी ने बनाने का दावा किया। दोनों एजेंसी ने नाला निर्माण की राशि के लिए दावा कर दिया। मजेदार तो यह पंचायत स्तर तो नाले के निमार्ण की राशि का भुगतान तक हो गया। मामला तब खुला जब जिला परिषद में नाला निर्माण में हुए खर्च के भुगतान के लिए आवेदन दिया।

दरअसल, ममलखा में जिला परिषद की तरफ से नाले का निर्माण कराया गया था। नाला निर्माण होने के पहले नौ जुलाई 2019 को प्रखंड से जिला परिषद को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया था। पत्र मिलने के बाद जिला परिषद की तरफ से निर्माण करा दिया गया। इसके बाद उसी नाले को पंचायत स्तर पर सात निश्चय योजना में शामिल कर लिया गया। नाला निर्माण के नाम पर पांच लाख की राशि की निकासी भी कर ली गई। राशि निकालने के पहले मापी पुस्तिका में कार्य पूर्ण दिखाया गया। उधर, जब इस घपले की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो लोगों ने मुख्यमंत्री को जांच के लिए पत्र भेजा दिया। हालांकि मुख्यमंत्री के यहां से जांच के आदेश दिए गए। जांच अभी चल रही है। हाल में ही पंचायत के कुछ लोगों ने नाला निर्माण स्थल पर लगे जिला परिषद के बोर्ड के बगल में सात निश्चय से नाले का निर्माण का बोर्ड लगाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। हंगामा इतना बढ़ा की दोनों ओर से केस दर्ज हो गया।

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कोट..

मामला जांच किया जा रहा है। सात निश्चय से निर्माण नहीं होने पर राशि रिकवरी किया जाएगा। कार्रवाई होगी।

सतीश सिंह, बीपीआरओ सबौर

Posted By: Jagran

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