भागलपुर, जेएनएन। धोखाधड़ी के आरोपित के खिलाफ न्यायालय से निर्गत गैरजमानतीय वारंट गायब होने के मामले में एसएसपी ने 31 जनवरी को स्पष्टीकरण मांगा था। जांचकर्ता कहलगांव थाने के दारोगा बाबूकांत झा को 72 घंटे जवाब देने को कहा था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एसएसपी ने कार्रवाई की चेतावनी दी थी। लेकिन वरीय पदाधिकारी की चेतावनी का दारोगा पर प्रभाव पडऩे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 15 दिन बाद भी स्पष्टीकरण का जबाव नहीं दिया।

दारोगा से मांगे गए स्पष्टीकरण में एसएसपी ने कहा है कि पीरपैंती बसंतपुर निवासी अनिल कुमार सिंह द्वारा दायर नालसीवाद में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरोपित कहलगांव निवासी अरविंद कुमार के खिलाफ 13 जून 2018 को गैरजमानतीय वारंट निर्गत किया गया। दोबारा 29 जून 2018 को वारंट निर्गत किया गया। जिसे एसएसपी कार्यालय से दारोगा बाबूकांत झा द्वारा प्राप्त किया गया था। लेकिन थाना से वारंट गायब हो गया। डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बावजूद मामला लंबित है। आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अनिल कुमार सिंह ने 28 मई 2018 को सीजेएम कोर्ट में चेक बाउंस होने का नालसी मुकदमा किया था। जिसमें कहा गया था कि कहलगांव निवासी अरविंद कुमार ने 31 जनवरी 2018 को 25 लाख रुपये का तीन चेक आइसीआइसी बैंक का दिया था। उन्होंने चेक एसबीआइ, लक्ष्मीपुर शाखा में अपने खाता में डाला। लेकिन सभी चेक बाउंस कर गया।

एक ही आरोपित के दो बार निर्गत किए गए वारंट गायब होना कहलगांव थाने की घोर लापरवाही है। समय पर स्पष्टीकरण का जबाव नहीं देने पर दारोगा बाबूकांत झा के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। -आशीष भारती, एसएसपी, भागलपुर।

 

Posted By: Dilip Shukla

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