भागलपुर, जेएनएन। मनुष्य का प्रकृति के साथ सहयोग का रिश्ता है, युद्ध का नहीं। गांधीजी की समझदारी थी कि प्रकृति हमारी जरूरत पूरी कर सकती है पर लोभ लालच नहीं। ये बातें स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने कही। वे विभाग में पर्यावरण संरक्षण को लेकर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान साइकिलिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार व इंडियन ऑयल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सक्षम साइकिल रैली भी निकाली गई। इस रैली में भाग लेने आए छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष ने कहा कि धरती का ताप, पूंजी का पाप, हिंसा का शाप और जनसंख्या के संताप के कारण आज हमें प्रकृति का ऐसा रूप देखने के लिए मिल रहा है।

इंडियन ऑयल के सेल्स मैनेजर धीरज कुमार ने कहा कि गांधी जी अपना काम स्वयं करने पर बल देते थे। बिहार साइकिल एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डॉ. कौशल किशोर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन से हम अच्छे साइकिलिस्ट तैयार सकेंगे, जो कि ना सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराएंगे, बल्कि स्वस्थ भारत का एक संदेश वाहक भी बनेंगे।

रोशन सिंह ने कहा कि प्रकृति बचेगी तभी हम और हमारी संस्कृति बचेगी, हमें अधिक से अधिक पौधारोपण व कम से कम ईंधन की खपत करने की जरूरत है। फ्लुएंट फिजिक्स के निदेशक डॉ. अभय कुमार ने कहा कि यह आयोजन युवाओं के लिए मार्गदर्शक साबित होगा। इसके बाद अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित छात्रों को रवाना किया गया, जो विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य मार्ग होते हुए विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन पहुंची। शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा के समीप यात्रा समाप्त हुई। कार्यक्रम का संचालन विभाग के शिक्षक डॉ. उमेश कुमार नीरज कर रहे थे। इस मौके पर विभाग के शिक्षक डॉ. रीता झा, डॉ. अमित रंजन, गौतम कुमार, मनोज कुमार दास, जेआरएफ नरेंद्र नवनीत सहित दर्जनों छात्र और छात्राएं मौजूद थीं।

Posted By: Dilip Shukla

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