भागलपुर। सिल्क के लिए दुनिया में मशहूर भागलपुर 246 वर्ष बाद पहली बार अपना स्थापना दिवस मनाएगा। काफी शोध के बाद यह मान लिया गया कि भागलपुर को चार मई 1773 को जिले का दर्जा मिला था। स्थापना की तारीख पर मुहर लगाते हुए प्रशासन ने समारोह की तैयारी शुरू कर दी है। इस साल पहली बार जिले का स्थापना दिवस मनाया जाएगा

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गौरवशाली रहा है इतिहास

प्राचीन भारत के इतिहास में भागलपुर को अंग क्षेत्र कहा जाता था। इसका महाभारतकालीन इतिहास भी रहा है। ब्रिटिश हुकूमत में इसे जिले के रूप में स्थापित किया गया तो इसका क्षेत्रफल संथालपरगना (वर्तमान में झारखंड का हिस्सा) से लेकर पश्चिम बंगाल तक था। यह शहर व्यापार का बड़ा केंद्र था और यहीं से होकर कोलकाता के लिए जहाज चला करते थे।

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सिल्क, आम और कतरनी चावल के लिए मशहूर

भागलपुर सिल्क के कपड़ों, जर्दालु आम और कतरनी चावल व चूड़ा के लिए मशहूर है। 1980 के दशक का अंखफोड़वा कांड हो या दंगा, कुछ अप्रिय घटनाओं ने इसके दामन पर दाग भी लगाए। हालांकि, वक्त के साथ यह इन सबसे काफी आगे निकलकर सांप्रदायिक सौहार्द के रूप में प्रतिष्ठापित हो चुका है।

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ऐसे पता चला स्थापना काल

जिले की स्थापना की वास्तविक तारीख का पता लगाने को जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। इसमें तीन प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा इतिहासकार प्रो. रमन सिन्हा भी थे। प्रो. सिन्हा ने कोलकाता स्थित भवानी दत्त लेन, कॉलेज स्ट्रीट (पश्चिम बंगाल) के राज्य अभिलेखागार में दस्तावेज की खोज की तो पता चला कि मि. जेम्स बर्टन भागलपुर के पहले कलक्टर थे। चार मई, 1773 को ही उन्होंने कलक्टर का पद संभाला था। अब तक माना जा रहा था कि क्लीवलैंड पहले कलक्टर थे।

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एक था राजमहल और भागलपुर

कमिटी ऑफ सर्किट ने 18 फरवरी 1773 को राजमहल और भागलपुर जिले का निर्माण किया। इसे ग्रेटर भागलपुर कहा जाता था। दो नामों के बावजूद एक ही जिला था। राजस्व निर्धारण एवं जिले का निर्माण होने के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने राजस्व संग्रह अधिकार के साथ कलक्टर बहाल करने का निर्देश सुपरवाइजर मि. विलियम हॉर्वुड को दिया था। चार मई 1773 को मि. जेम्स बर्टन ने कलक्टर का प्रभार लिया था।

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शोध के आधार पर निर्णय

जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने तथ्यों का पता लगाने के लिए एडीएम राजेश झा को समिति का संयोजक बनाया था। सुंदरवती महिला कॉलेज के प्रो. रमन सिन्हा के शोध पत्र के अध्ययन के बाद प्रशासन ने चार मई को स्थापना दिवस मनाने का निर्णय लिया।

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इतिहासकार के शोध और कई साहित्यकारों की सहमति के बाद चार मई को भागलपुर जिले का स्थापना दिवस मनाने का निर्णय ले लिया गया है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसे धूमधाम से मनाया जाएगा।

प्रणव कुमार

जिलाधिकारी, भागलपुर

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भागलपुर के स्थापना दिवस को लेकर काफी शोध किया गया। पश्चिम बंगाल के अभिलेखागार में मौजूद दस्तावेज से जानकारी मिली कि चार मई 1773 को यह जिला बना। पहले कलक्टर जेम्स बर्टन थे। कई अन्य जगहों पर इससे संबंधित दस्तावेज मिले हैं।

प्रो. रमन सिन्हा, विभागाध्यक्ष

इतिहास विभाग, एसएम कॉलेज

Posted By: Jagran

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