संवाद सहयोगी, लखीसराय।  पटना हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2006 से 2015 तक बहाल नियोजित शिक्षकों के नियोजन अभिलेख की जांच निगरानी द्वारा की जा रही है। लखीसराय जिले के 1,075 नियोजित शिक्षकों द्वारा 30 जून तक अपने नियोजन संबंधित फोल्डर जमा नहीं किया था। शिक्षा विभाग और निगरानी ने 20 जुलाई तक नियोजित शिक्षकों को विभागीय पोर्टल पर नियोजन दस्तावेज अपलोड करने का आखिरी मौका दिया था।

15 शिक्षकों ने नहीं अपलोड किया है दस्‍तावेज 

दस्तावेज अपलोड नहीं करने वाले शिक्षकों को नौकरी जाने का भी अल्टीमेटम मिला था। निगरानी की कार्रवाई का डर ऐसा हुआ कि जिले में 1,075 में से करीब 1,060 नियोजित शिक्षकों ने तय तिथि तक अपना दस्तावेज अपलोड करवा दिया है। मात्र 15 शिक्षक बचे हैं जिन्होंने अपना दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया है। डीईओ सह डीपीओ स्थापना संजय कुमार सिंह ने कहा है कि विभाग द्वारा 20 जुलाई तक पोर्टल पर फोल्डर अपलोड करने का अंतिम समय दिया था। जिसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है। आगे जो निर्देश प्राप्त होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रखंडवार फोल्डर जमा करने वाले नियोजित शिक्षक

बड़हिया - लंबित फोल्डर 40, जमा फोल्डर 40

चानन - लंबित फोल्डर 288, जमा फोल्डर 283

हलसी - लंबित फोल्डर 286, जमा फोल्डर 284 (एक शिक्षक की मृत्यु)

लखीसराय - लंबित फोल्डर 148, जमा फोल्डर 145 (तकनीकी कारणों से दो शिक्षकों का डाटा औपलोड नहीं हुआ)

पिपरिया - लंबित फोल्डर 24, जमा फोल्डर 22

रामगढ़ चौक - लंबित फोल्डर 64, जमा फोल्डर 64

सूर्यगढ़ा - लंबित फोल्डर 227, जमा फोल्डर 222 (एक शिक्षक की मृत्यु)

फोल्डर जमा नहीं करने वाले नियोजित शिक्षक

चानन प्रखंड - शिक्षक जनार्दन कुमार, कुमारी नीलम, ममता कुमारी, नितावली कुमारी।

हलसी प्रखंड - शिक्षक राजेन्द्र प्रसाद।

लखीसराय प्रखंड - शिक्षिका मोनी कुमारी।

पिपरिया प्रखंड - शिक्षिका चंद्रलेखा कुमारी और सतीश कुमार।

सूर्यगढ़ा प्रखंड - शिक्षक अरङ्क्षवद कुमार, इमरान आलम, मुकेश कुमार।

 

Edited By: Abhishek Kumar