चेरिया बरियारपुर, बेगूसराय। ढाई बीघा पुश्तैनी जमीन पर चाचा के अकेले कब्जा और जोत- आबाद के विरोध के कारण खांजहांपुर में अपनों ने ही मुकेश सिंह के सपरिवार के खात्मे की साजिश रच दी। आखिर किस कारण से 15 अक्टूबर की रात खांजहांपुर गांव के बभनटोली में हत्यारों ने घर में सो रहे लोगों में मां-बेटे की नृशंस हत्या कर दी। वहीं एक महिला को भी गंभीर हालत में जख्मी कर दिया। हत्यारों की मंशा उनके परिवार के एक साथ खात्मा करने की थी, लेकिन घायलावस्था में घर से बाहर भागने के कारण महिला व छत पर सो रहे बेटे की जान बच गई।

भूमि विवाद में हुए इस सनसनीखेज वारदात में स्व. हरे राम सिंह की पत्नी ऊषा देवी एवं पुत्र मुकेश सिंह की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। जबकि मुकेश की पत्नी रत्ना देवी जख्मी होने के बावजूद भी घर से भागकर फूल के पेड़ के नीचे छिप गई। जिससे बाद में उनकी जान बचाई जा सकी। अहले सुबह छत पर सो रहे मृतक के छोटे पुत्र नीतीश कुमार ने पड़ोसियों की जानकारी दी। जिसके बाद बवाल मच गया। इस संबंध में मृतक के मंझले पुत्र दीपक ने बताया कि पुश्तैनी ढाई बीघा जमीन पर उनके चचेरे दादा हरेकृष्ण सिंह ने कब्जा कर रखा है, जोत-आबाद भी करते हैं। पिता जी अकेले जोत-आबाद का विरोध करते थे जिस कारण सपरिवार खात्मे का पड़यंत्र रचा गया।

गिरफ्तार हो चुके हैं आरोपित, घर से खून सने कपड़े बरामद

सनसनीखेज वारदात के बाद मौके पर पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने मामले की बारीकी से जांच की है। एसपी अवकाश कुमार ने फारेंसिक जांच टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए आरोपित हरेकृष्ण सिंह समेत उनके पुत्र चंदन सिंह, राजेश सिंह एवं रंजन सिंह को हत्या की अगली सुबह ही गिरफ्तार कर जेल चुकी है। तलाशी के दौरान आरोपित के घर से खून से सनी लुंगी बरामद किया गया है। बरामद कपड़ों की फारेसिक जांच व मृतकों के खून के मिलान से मामला दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

Posted By: Jagran

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