बेगूसराय। मटिहानी थाना क्षेत्र के शंकरपुर बखड्डा निवासी 60 वर्षीय हरेराम साह के लापता होने की गुत्थी एक माह बाद भी पुलिस सुलझा नहीं सकी है। इस मामले में अब शक की सूई बड़े भाई सीताराम साह के दामाद बीहट गुरुदासपुर टोला निवासी राजीव कुमार पर रुकी है। उसने ही भूमि खरीद में मध्यस्थता की भूमिका निभाते हुए फर्जी महिला आरती देवी को चार लाख रुपये दिलाया था। महिला व गवाह मणि सिंह के फर्जी निकलने पर लापता अधेड़ की पत्नी शुक्रवार को अपने जेठ, उनकी पुत्री व दामाद पर पति को लापता करने का आरोपित बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।

दामाद को हिरासत में लेने पहुंची पुलिस बनी बंधक :

भूमि खरीद में मध्यस्त बना दामाद बीते आठ अगस्त से ही शराब धंधे के मामले में नवादा जेल में बंद था। महिला गवाह के आधार कार्ड फर्जी साबित होने पर दामाद संदेह के घेरे में आ गया। पुलिस को जानकारी मिली कि राजीव नौ सितंबर को जमानत पर बाहर निकल रहा है। मटिहानी पुलिस नवादा गई, लेकिन राजीव को स्वजनों के साथ छोड़ दिया। जेल से बाहर निकलते ही दामाद स्वजनों के साथ ससुराल बखड्डा पहुंचा। शुक्रवार की सुबह जब मटिहानी पुलिस राजीव को हिरासत में लेने बखड्डा पहुंची तो, लापता अधेड़ के स्वजनों ने पुलिस टीम को बंधक बना लिया और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। स्वजनों ने पुलिस पर राजीव समेत अन्य आरोपितों से मिलीभगत किए जाने का आरोप लगाया। मटिहानी थानाध्यक्ष विवेक भारती ने आक्रोशित स्वजनों को समझा कर शांत कराया और राजीव को थाना लेकर पहुंची। पुलिस राजीव से पूछताछ कर रही है।

क्या है मामला :

बीते 20 अगस्त की रात शंकरपुर बखड्डा निवासी हरेराम साह बेगूसराय से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह बदलपुरा चौक से बखड्डा के बीच लापता हो गए। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर स्वजनों ने खोजबीन की। सुराग नहीं मिलने पर बड़े भाई ने 23 अगस्त को मटिहानी थाना गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस भूमि खरीद मामले की जानकारी प्राप्त कर इसे ही घटना का कारण मान कर जांच पड़ताल में जुटी थी, इसी दौरान गुरुवार को बदलपुरा बागीचे से लापता अधेड़ की साइकिल व मोबाइल मिलने और उसके पास ही नरमुंड बरामद होने से स्वजनों को धैर्य जवाब देने लगा है। पुलिस संदिग्ध राजीव से पूछताछ कर नतीजे पर पहुंचने के प्रयास में है।

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