बेगूसराय। वादे तभी पूरे होते हैं जब इरादे पक्के हों, वरन घोषणाएं धरातल पर कितनी साकार हो पाती है, यह बताने की जरूरत नहीं। शाम्हो प्रखंड के सोनवर्षा में 2016 में 1.20 करोड़ की लागत से बना स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री, विधायक, विधान परिषद सदस्य के निरीक्षण के बावजूद अब तक चालू नहीं हुआ है। कोरोना काल में जब निजी व स्कूलों में बेड की व्यवस्था की जा रही है तो यहां अस्पताल बना हुआ है इसका लाभ क्यों नहीं उठाया जा रहा है। भवन के संसाधनों का हो रहा नुकसान :

गांव से दूर खेत में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन में लगी बिजली के वायरिग को जहां तहां से नोच दिया गया है। बल्ब, होल्डर और स्विच बोर्ड जैसे-तैसे लटके हुए हैं। पानी सप्लाई के लिए लगे नलों, पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। सीढ़ी में लगे पत्थर कई जगहों से टूट गए हैं। खिड़की में लगी कांच टूट कर फर्श पर बिखरी हुई है। बाहर भी स्थिति दयनीय है। भवन में जंगली जानवर तो भवन के बाहर पालतू पशुओं का बसेरा है।

स्वास्थ्य उपकेंद्र तक पहुंचना है मुश्किल :

स्वास्थ्य उपकेंद्र तक पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर की सड़क कच्ची है। खेतों में सिचाई होने पर पानी और कीचड़ के बीच होकर मरीजों को इलाज के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचना होगा। उपकेंद्र तक बिजली नहीं पहुंचाई गई है। केवल तार और पोल भवन तक दिखावा के लिए पहुंचाई गई है।

जनप्रतिनिधियों द्वारा भवन का लगातार हुआ निरीक्षण:

बेगूसराय के सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, मटिहानी के विधायक राजकुमार सिंह, विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार के निरीक्षण के पश्चात लोगों को लगा कि अब स्वास्थ्य उपकेंद्र में इलाज शुरू हो जाएगा, परंतु यह निरीक्षण महज दिखावा साबित हुआ। केंद्रीय मंत्री ने तत्कालीन सीएस, बेगूसराय से बात की। इसके बाद 2020 में एक दिन के लिए केंद्र का ताला कुछ घंटों के लिए खुला। इसके बाद केंद्र लगातार बंद है। इधर नव निर्वाचित शाम्हो के प्रखंड प्रमुख मनोज कुमार ने भी समाजसेवी सुरेंद्र सिंह उर्फ सेठ जी के साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण किया। प्रमुख ने बताया कि शाम्हो में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाना उनका प्रमुख उद्देश्य है।

कहते हैं पीएचसी प्रभारी, शाम्हो:

शाम्हो के पीएचसी प्रभारी डा. संजय ने बताया कि वे पहले उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे। सुविधाएं अनुकूल दिखी तो स्वास्थ्य उपकेंद्र को शुरू किया जाएगा। उपकेंद्र में डाक्टरों और नर्सों की अब तक प्रतिनियुक्ति नहीं होने के सवाल पर कहा कि इस केंद्र के लिए तो कोई विशेष नियुक्ति नहीं है, परंतु क्षेत्र में चल रहे अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत एएनएम में से किसी की सेवा उक्त उपकेंद्र पर ली जाएगी।

Edited By: Jagran