बेगूसराय। जिला शिक्षा विभाग के डीपीओ स्थापना के एक पत्र से नाराज जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए नियम बताने के बजाए समस्याओं के निदान पर फोकस करने की हिदायत दी है। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी एक शिक्षक के फर्जी प्रमाणपत्र के मामले की सुनवाई कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार वीरपुर निवासी मखन लाल ¨सह ने अनुसूचित उत्क्रमित मध्य विद्यालय गड़ही नावकोठी के शिक्षक अरुण पासवान के प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को फर्जी करार देते हुए लोक शिकायत निवारण में आवेदन दिया था। मामले की सुनवाई में तमाम प्रमाणों की जांच के उपरांत लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजय प्रियदर्शी ने पाया कि मामला सही होने के बावजूद शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी शिथिलता बरत रहे हैं। जिस पर उन्होंने डीईओ को मामले के निष्पादन का आदेश जारी किया। चूंकि मामला स्थापना से जुड़ा था तो डीईओ ने डीपीओ स्थापना को लोक शिकायत की सुनवाई में उपस्थित होने का पत्र जारी कर दिया। मगर डीपीओ स्थापना नसीम अहमद ने डीईओ को पत्र देते हुए इस सुनवाई को ही गलत करार दे दिया। जिस पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए डीपीओ स्थापना को समस्या के निदान पर फोकस करने की हिदायत दी है। बताते चलें कि वीरपुर थाना क्षेत्र के सहुरी निवासी नाथो पासवान के पुत्र अरुण पासवान ने अपने नियोजन के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पविया जामताड़ा झारखंड का प्रमाणपत्र लगाया था। जिसे आवेदक मखन लाल ¨सह फर्जी करार दे रहे हैं।

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