बेगूसराय : वर्ष 2010 में तत्कालीन सांसद स्व. भोला प्रसाद सिंह ने बेगूसराय शहर के कायाकल्प होने का स्वप्न देखा था। बेगूसराय नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिलाया। नगर निगम के गठन को 11 वर्ष पूर्ण होने के बाद आज भी हालात में बहुत कुछ बदलाव नजर नहीं आ रहा है। उस वक्त भी शहरी मोहल्ले की सड़कों पर बारिश का पानी जमा रहता था और आज भी कमोबेश वही हाल है। आज भी नालों के गंदे पानी बरसात के दिनों में सड़कों पर फैले नजर आते हैं।

इस वर्ष भी मानसून की बारिश का शुरुआत हो चुका है। अब तक शहर की सभी नालियों की सफाई पूरी नहीं हुई है। विभिन्न मोहल्लों में निर्माणाधीन नालों एवं सड़कों का कार्य मानसून से पूर्व कर लेने का दावा अब पूर्णत: झूठा साबित हो रहा है। वैसी सड़कें जो पिछले मानसून में भी जलजमाव की समस्या से ग्रसित थे, उक्त सड़कों पर आज भी जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है। मालूम हो कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान भारी बारिश के कारण निगम क्षेत्र के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए थे। जिसके कारण मोटर पंप लगाकर महीनों तक जल निकासी करना पड़ा था। इसका डर मोहल्ले वाले को सताने लगा है। इतना ही नहीं नमामि गंगे परियोजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सीवेज सिस्टम निर्माण कार्य ने तो शहरवासियों का घर से निकलना दूभर कर दिया है। जगह जगह काटी गई सड़कों का पुन: जीर्णोद्धार नहीं हो पाने के कारण उक्त सड़कें हमेशा खतरों को दावत देती रहती है। नालों की सफाई को लेकर नगर निगम के वरीय अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए नालों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। जल्द ही नालों की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

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