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BJP छोड़ जन सुराज में गए डॉ. सुरेश राय लगातार आगे, दरभंगा श‍िक्षक सीट पर दे रहे कड़ी टक्‍कर

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:57 PM (IST)

डाॅ. सुरेश प्रसाद राय दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव में लगातार आगे चल रहे हैं। उन्होंने भाजपा ...और पढ़ें

प्रशांत क‍िशोर के साथ डॉ. सुरेश प्रसाद राय। फाइल

प्रशांत क‍िशोर के साथ डॉ. सुरेश प्रसाद राय। फाइल

HighLights

  1. डॉ. सुरेश राय दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में आगे।

  2. भाजपा छोड़कर जन सुराज में शामिल हुए थे राय।

  3. विज्ञान शिक्षक के रूप में 26 वर्ष सेवा की।

जागरण संवाददाता, बेगूसराय। विधान परिषद चुनाव में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डाॅ. सुरेश प्रसाद राय ने मतों का अंतर बनाए रखा है। 

लंबे समय तक शिक्षा और शिक्षक संगठनों से जुड़े रहे राय ने चुनाव से कुछ महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़कर जन सुराज का दामन थामा था।

उनके इस राजनीतिक बदलाव में उनके विंग कमांडर दामाद की पहल महत्वपूर्ण रही। उनके माध्यम से जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने डाॅ. सुरेश राय को पार्टी में आने का न्योता दिया था।

भाजपा छोड़ जन सुराज का थामा था दामन 

इसके बाद राय जन सुराज में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। पांच जनवरी 1959 को जन्मे डा. राय ने विज्ञान विषय में एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

उन्होंने सरकारी विद्यालय में विज्ञान शिक्षक के रूप में 26 वर्ष आठ माह तक सेवा की। 30 अप्रैल 2011 को उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली।

शिक्षण कार्य के साथ वे शिक्षक संगठनों और शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। वे बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष तथा भाजपा के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रह चुके हैं।

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से वे पहले भी विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। शैक्षणिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता विश्वविद्यालयों तक रही है।

सर्वोत्‍तम व‍िज्ञान श‍िक्षक पुरस्‍कार से हो चुके सम्‍मानित 

इसके अलावा लोक शिक्षा समिति उत्तर बिहार और बिहार मैथेमेटिकल सोसायटी सहित विभिन्न शैक्षणिक-सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी भूमिका रही है।

विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें राज्य स्तरीय सर्वोत्तम विज्ञान शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।शिक्षकों की सेवा शर्तों, वेतन, पेंशन, प्रोन्नति और अन्य लंबित मांगों पर उनका रुख तथा भावी कार्ययोजना अब महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कई आंदोलनों का न सिर्फ नेतृत्व किया, बल्कि कई उपलब्धियां भी हासिल की।

डाॅ. सुरेश प्रसाद राय: एक नजर में

  • जन्म: 5 जनवरी 1959।
  • शैक्षणिक योग्यता: एमएससी, पीएचडी
  • शिक्षण अनुभव: सरकारी विद्यालय में विज्ञान शिक्षक के रूप में 26 वर्ष 8 माह की सेवा
  • सेवानिवृत्ति: 30 अप्रैल 2011 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, बीपी स्कूल बेगूसराय से
  • शिक्षक संगठन: बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष

राजनीतिक सफर

  • भाजपा के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक रहे। बाद में जन सुराज में शामिल हुए।
  • विधान परिषद: दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रहे।
  • वर्तमान चुनाव: करीब 500 मतों से जीत दर्ज करने की सूचना, आधिकारिक पुष्टि बाकी।
  • विश्वविद्यालय से जुड़ाव: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में अधिषद सदस्य, एमआरजेडी कालेज बेगूसराय के अध्यक्ष।
  • शैक्षणिक योगदान: लोक शिक्षा समिति, उत्तर बिहार और बिहार मैथेमेटिकल सोसायटी से जुड़ाव,
  • पुरस्कार: राज्य स्तरीय सर्वोत्तम विज्ञान शिक्षक पुरस्कार
  • लेखन: सामान्य विज्ञान विषय पर पुस्तक लेखन

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