बेगूसराय। अमूमन सड़क दुर्घटना व अन्य घटना में घायलों की मदद करने से लोग हिचकते हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि किसी घायल की मदद करेंगे तो फंस जाएंगे, उन्हें डर की जरूरत नहीं है। सरकार व परिवहन विभाग सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को सम्मानित करने का निर्देश भी जारी कर रखा है। अब सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने में आप भी नहीं डरें। मदद करने पर जिला प्रशासन आपको भी सम्मानित करेगा।

सत्यम को डीएम ने किया सम्मानित : सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले बछवाड़ा प्रखंड के फतेहा निवासी सत्यम कुमार आनंद को डीएम अरविद कुमार वर्मा ने सोमवार को सम्मानित किया। अपने कार्यालय कक्ष में सम्मान के दौरान उन्होंने सत्यम को शाल, मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र एवं पांच हजार रुपये का चेक दिया। इस दौरान डीएम ने कहा कि यह सम्मान सत्यम को उनके साहसिक कार्य के लिए गुड सेमेटेरियन के रूप में दिया गया। उल्लेखनीय है कि 12 अक्टूबर 2021 को तेघड़ा प्रखंड स्थित एनएच-28 पर बाइक एवं स्कार्पियो की भीषण टक्कर में दो पुरुष, एक महिला एवं एक बच्ची घायल हुई थी। इलाज के दौरान घायल महिला एवं दो पुरुषों की मौत हो गई। जबकि सड़क दुर्घटना में घायल पांच वर्षीय बच्ची आरोही राय को सत्यम कुमार आनंद ने लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया और जान बच गई। बच्ची अब भी अस्पताल में इलाजरत है।

वाहन दुर्घटना में मौत पर आश्रित को मिलेगा पांच लाख रुपये : मोटर वाहन दुर्घटना के कारण किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने पर उनके आश्रित को मुआवजा देने का प्राविधान किया गया है। प्रविधान के तहत वाहन दुर्घटना में मृतक के आश्रित को पांच लाख रुपये तथा घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये दिया जाएगा। डीटीओ राजेश कुमार ने कहा कि मृतक व घायल को दी जाने वाली राशि वाहन के बीमा कंपनी द्वारा दिया जाना है। यदि वाहन का बीमा नहीं है, तो वाहन जब्त करने व वाहन मालिक से मुआवजे की राशि वसूल की जाएगी।

इमरजेंसी वार्ड को सक्रिय करने का निर्देश : वाहन दुर्घटना में घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए डीएम ने सिविल सर्जन को अनुमंडलीय अस्पताल तेघड़ा एवं बलिया सहित सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को सक्रिय करने का निर्देश दिया। इन अस्पतालों में प्रतिनियुक्त चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश भी उन्होंने दिया।

नियमित रूप से करें जांच : सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी को हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिग, रश ड्राइविग आदि की नियमित एवं सघनता से जांच करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने ट्रैक्टर, ट्राली आदि वाहनों में अभियान चलाकर परावर्तक टेप लगाने तथा सड़क किनारे के मकान, पेड़, पुल-पुलिया आदि पर कैट्स आइ एवं परावर्तक प्लेट्स अधिष्ठापित करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया। एनएच एवं आरसीडी के अधिकारियों को उन्होंने ब्लैक स्पाट या चिह्नित एक्सिडेंटल प्रोन एरिया में अविलंब निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एनएच-31 पर अवैध रूप से काटे गए डिवाइडर के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देते हुए उन्होंने जिम्मेदार व्यक्तियों को चेतावनी देने एवं भविष्य में ऐसा करने पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश भी दिया।

40 स्थानों पर बनेगा स्पीड ब्रेकर : बैठक में यातायात के पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि जिले में फिलहाल 40 ऐसे जगह चिह्नित किए गए हैं, जहां स्पीड ब्रेकर की स्थापना आवश्यक है। इसको ले डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी को यातायात पुलिस उपाधीक्षक से चिह्नित स्थानों की सूची प्राप्त कर संबंधित विभाग के माध्यम से अविलंब स्पीड ब्रेकर की स्थापना करवाने का निर्देश दिया। इसके अलावा समिति सदस्यों द्वारा सुझाए गए स्थलों पर जेब्रा क्रासिग भी पेंट कराने का निर्देश उन्होंने दिया।

शमन के रूप में 81 लाख रुपये की हुई है वसूली : बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने जानकारी दी कि जिले के विभिन्न हिस्सों में हेलमेट, सीट बेल्ट आदि से संबंधित जांच लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 01 अप्रैल से मई 2021 के दौरान शमन के रूप में करीब 81 लाख 50 हजार रुपये की वसूली की गई है। उक्त अवधि में खतरनाक ड्राइविग करने वाले तीन चालकों की अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है। साथ ही सड़क सुरक्षा को ले प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

Edited By: Jagran