बेगूसराय : अगर कान में झुनझुनाहट या सांय-सांय की आवाज सुनाई दें। तो डरे नहीं बल्कि नजदीक के कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञ से मिलकर चिकित्सीय सलाह लें। उक्त बातें कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. रौशन कुमार ने बुधवार को दैनिक जागरण की ओर से आयोजित प्रश्न पहर कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि कान में किसी तरह की आवाज सुनाई देती है तो लोग इससे परेशान हो जाते हैं और कई तरह की बीमारी के बारे में सोचने लगते हैं। उन्होंने कहा कि एक लाख लोगों के कान में अगर ऐसी आवाज सुनाई देती है तो मात्र एक ही लोग के कान में टयूमर होता है। इसलिए लोगों को इससे डरना नहीं चाहिए। कान में आनेवाली आवाज तनाव और नस में ब्लड सर्कुलेशन न होने के कारण होता है। इसलिए अगर ऐसा होता है तो देर न कर जल्द चिकित्सक का परामर्श लें। अगर कान में सांय- सायं की आवाज के साथ चक्कर व बहरापन हो तो अतिशीघ्र चिकित्सक से परामर्श लें। इसके अलावा ठंड में गले रोग से बचने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें, आइसक्रीम का सेवन न करें, गर्म कपड़े का अधिक से अधिक प्रयोग करें। इससे आप गले के रोग से बच सकते हैं। डॉ. रौशन कुमार ने प्रश्न पहर कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न जगहों से पाठकों ने सवाल किया। जिसका जवाब देकर उन्हें उपचार व बचाव के टिप्स दिए।

1. बार-बार गले में दर्द होता है। टॉनसिल में भी दर्द होता है क्या किया जाए। सुमन कुमार, बड़ी एघु :

जवाब : एसी, ठंड, गर्म आदि से परहेज करें। एसी में बैठे-बैठे तुरंत धूप में न निकलें। शरीर का तापमान सामान्य होने के बाद बाहर निकलें जल्द से जल्द ईएनटी रोग विशेषज्ञ से मिलकर सलाह लें। शीघ्र फायदा होगा।

2. गले में इन्फेक्शन हो गया है। बहुत परेशानी हो रही है। क्या किया जाए। प्रदीप कुमार, बलिया

जवाब : जब बुखार आ जाए। पानी व खाना लेने में काफी परेशानी हो तो नजदीक के ईएनटी रोग विशेषज्ञ से मिलें। वैसे घरेलू उपचार में नमक और पानी से गारगल करें। हो सके तो बीटा काइंड से गारगल करें। शीघ्र ही फायदा होगा।

3. नाक में मांस बढ़ गया है। जिसके कारण सांस लेने में परेशानी होती है। नंदन कुमार, संजात, भगवानपुर

जवाब : दोनों नाक के बीच बत्ती (सेप्टम) होती है। जो टेढ़ी हो जाती है। इसके कारण आम लोंगों को लगता है कि उनके नाक में मांस बढ़ गया है। आप ईएनटी चिकित्सक से मिलकर इसकी जांच करवा लें। जांच के बाद डॉक्टर के परामर्श के मुताबिक दवाई व अन्य सावधानी बरतें फायदा होगा।

4. एक कान से सुनाई नहीं देता है। डॉक्टर से भी दिखा चुके हैं। कोई फायदा नहीं हुआ है। बबीता कुमार, परमानंदपुर

जवाब : आप शीघ्र ईएनटी रोग विशेषज्ञ से मिलकर कान के मशीन से जांच करवाएं। अगर पर्दे में हल्की लाली है तो उसके अनुसार दवाई लें और मशीन का प्रयोग करें। फायदा होगा।

5. कान में अजीब तरह की आवाज सुनाई देती है। इससे बहुत परेशान हैं। गौतम कुमार, कालीस्थान ।

जवाब : कान में अगर कोई आवाज सुनाई देती है तो खतरनाक नहीं हो सकता है। पहले आप अपने मन से डर को दूर करें और किसी अच्छे ईएनटी डॉक्टर से मिलें। इससे आपके कान की जांच भी हो जाएगी और आपको फायदा भी होगा। आप अपने मन से डर को दूर कर लें। आधी बीमारी खुद ही ठीक हो जाएगी।

6. नाक जाम रहता है। नोजल ड्रॉप का प्रयोग करते हैं। कोई फायदा नहीं हो रहा है। मो. खुर्शीद आलम, ठकुरीचक, बरौनी :

जवाब : नोजल ड्राप का प्रयोग पांच दिनों से ज्यादा नहीं करना चाहिए। यह खतरनाक होता है। इसलिए कभी इसका प्रयोग पांच दिन से अधिक न करें। आप एक बार नजदीक के ईएनटी चिकित्सक से मिलकर परामर्श लें। डरने की कोई बात नहीं है।

7. छह माह से कान में सांय -सांय की आवाज सुनाई देती है। गौतम कुमार, खोरमपुर, मटिहानी :

जवाब : चक्कर और बहरापन नहीं है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो डरने की बात नहीं है। अंदर भय खत्म करें। अगर इस रोग में डरिएगा तो परेशानी बढ़ेगी। इसलिए अपने अंदर के डर को खत्म करें और ईएनटी चिकित्सक से मिलकर परामर्श लें। थोड़ा गाना सुनें और तनाव कम लें। फायदा होगा।

8. गले में खुजली होती है और कभी-कभी दर्द भी रहता है। महावीर ठाकुर, बड़ी एघु :

जवाब : ऐसा तो नहीं है कि आपका गला सूखा रहता है। आप अधिक से अधिक गारगल करें। फायदा होगा। ठंड के दिनों में गर्म पानी का इस्तेमाल करें। आप नजदीक के ईएनटी रोग विशेषज्ञ से मिलकर सलाह लें।

9. गर्मी के दिनों में नाक से ब्लड आता है। पिछले वर्ष गर्मी के दिनों में 3-4 बार खून निकला था। मनीष कुमार पंडित, मटिहानी :

जवाब : मौसम परिवर्तन के कारण ऐसा होता है कि नाक से ब्लड निकलता है। गर्मी के दिनों में नाक की पतली नसों पर दबाव बढ़ जाता है। इसके कारण नाक से ब्लड निकलता है। आप किसी ईएनटी डॉक्टर से मिलकर परामर्श लें फायदा होगा।

10 कान बहता है क्या किया जाए। संजीत कुमार, वीरपुर :

जवाब : कान बहने का प्रमुख कारण है कि नाक का बंद रहना। सर्दी होने पर नाक बंद हो जाता है और नाक के माध्यम से हवा कान तक नहीं पहुंच पाती। इस कारण कान में जख्म हो जाता है। इसलिए कान बहना शुरू हो जाता है। इससे बचने के लिए लोगों का नाक साफ रखना चाहिए और नजदीक के ईएनटी डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।

11. रात में खर्राटा आता है। क्या किया जाए। रौशन कुमार, मुंगेरीगंज :

जवाब : खर्राटा मोटापा, नाक बंद, जीभ मोटा और तालू नीचे होने के कारण होता है। सबसे पहले आप ईएनटी डॉक्टर से मिलकर जांच करवा लें कि आपको किस कारण से खर्राटे आ रहे हैं। जांच के बाद परामर्श लें। फायदा होगा।

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