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जमुई से ट्रांसफर होकर पति के ही स्कूल में पहुंचीं शिक्षिका, अब एक ही स्कूल में पढ़ाएंगे मास्टर साहब और मैडम

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:40 PM (IST)

बांका में शिक्षक स्थानांतरण 2.0 के पहले चरण में 100 से अधिक शिक्षकों का स्कूल बदला गया।

पति ने पत्नी का किया स्वागत। (जागरण)

पति ने पत्नी का किया स्वागत। (जागरण)

HighLights

  1. बांका में शिक्षक स्थानांतरण के पहले चरण में 100 से अधिक स्कूल बदले।

  2. पत्नी ने आवेदन कर पति के स्कूल में ही तैनाती पाई।

  3. पति-पत्नी के एक स्कूल में तैनाती पर कोई प्रतिबंध नहीं।

जागरण संवाददाता, बांका। शिक्षक स्थानांतरण 2.0 की बिहार के स्कूलों में चल रही प्रक्रिया का पहला चरण बांका में पूरा कर लिया गया है। सौ से अधिक शिक्षकों का स्कूल बदल गया है।

खास बात यह है कि इस स्थानांतरण से कई शिक्षकों को दशक और दो दशक की थकान के बाद राहत दिया है। कटोरिया के कधार में बने कोल्हासार हाईस्कूल में स्थानांतरण से एक गजब वाक्या हो गया है।

पत्नी ने पति के पदस्थापना के आधार पर स्थानांतरण के लिए आनलाइन आवेदन किया। संयोग ऐसा हुआ कि पत्नी स्थानांतरण के बाद पति के स्कूल में ही तैनात हो गई।

पत्नी के स्कूल पहुंचते ही पति के होश फाख्ता हो गए। अब बेचारे मास्टर साहब समझ नहीं पा रहे हैं कि वे स्कूल में बच्चों को पढ़ाएं या घर की कलह से बचाव के लिए कोई नया फार्मूला ढूंढें।

पहले तो पति-पत्नी दोनों अलग-अलग स्कूलों में तैनात थे, जिससे शाम को घर लौटने पर दिनभर की थकान मिटाने के लिए शिकायतों का अनूठा आदान-प्रदान होता था।

लेकिन अब तो हद ही हो गई है। सुबह उठकर स्कूल जाने की जल्दी से लेकर, दोपहर के टिफिन में नमक कम होने तक की हर एक 'राष्ट्रीय समस्या' का समाधान अब सीधे स्टाफ रूम में ही होगा।

विद्यालय के अन्य शिक्षकों में इस अनोखे संयोग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। यूएचएस कोल्हासार में इतिहास के ऋषिकेश कुमार पहले से तैनात थे, अब पत्नी हिंदी शिक्षिका अंजू कुमारी जमुई से मोचनमा होकर स्थानांतरित होकर कोल्हासार पहुंच गई।

पत्नी का फूल से किया स्वागत

खैर पहुंचने पर उन्होंने दिखावे को ही सही पत्नी का फूल से स्वागत किया। इसके पहले छत्रपाल हाईस्कूल में ही इतिहास शिक्षक अजय कुमार की पत्नी अंग्रेजी शिक्षिका रूबी कुमारी स्थानांतरित होकर पहुंच चुकी है।

अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में बाकी बचे शिक्षक भी अपनी जीवनसंगिनी को अपने ही स्कूल में खिंचवाने के लिए आवेदन की कतार में लगेंगे या नहीं। फिलहाल, मास्टर साहब की इस स्थिति पर पूरा स्टाफ सहानुभूति और दबी हंसी के साथ मजे ले रहा है।

साथी शिक्षक बता रहे हैं कि इससे वाहन खर्च बचने के साथ ऐसे शिक्षकों का शोर भी स्टाप रूम में कम गूंजेगा।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार यादव ने बताया कि पति-पत्नी के एक स्कूल में तैनाती पर प्रतिबंध नहीं है। बल्कि पति या पत्नी के पदस्थापन के आधार पर स्थानांतरण चाहने वालों को नियमावली 15 बोनस अंक देता है।

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