बांका में जलजमाव से जनजीवन बेहाल, हाथ में जूते-चप्पल लेकर सड़क पार करने को मजबूर माहुचक गांव के लोग
बांका के नवादा खरौनी पंचायत के माहुचक गांव में बारिश के कारण सड़क पर जलजमाव हो गया है, जिससे ग्रामीणों ...और पढ़ें

हाथ में जूते-चप्पल लेकर सड़क पार करने को मजबूर लोग
HighLights
माहुचक गांव की सड़क पर बारिश का पानी जमा।
ग्रामीणों, स्कूली छात्रों को आवागमन में भारी दिक्कत।
जल निकासी के अभाव में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा।
संवाद सूत्र, रजौन (बांका)। नवादा खरौनी पंचायत के माहुचक गांव जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। गांव से बाहर निकलने के लिए यही प्रमुख रास्ता होने के कारण लोगों को गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। जलजमाव के कारण सड़क पर बने गड्ढों का पता नहीं चल पाता है, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
बाइक चालक फिसलकर गिर चुके
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर काफी मात्रा में पानी जमा हो जाता है। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण बाइक और साइकिल सवारों को संभलकर गुजरना पड़ता है। कई बार बाइक चालक फिसलकर गिर चुके हैं। वहीं, साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों के भी पानी में गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं।
ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, राहुल कुमार, शंभू सिंह और विकास कुमार ने बताया कि जलजमाव के कारण गांव से बाहर निकलते समय जूते-चप्पल हाथ में लेकर जाना पड़ता है। मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद ही लोग जूते-चप्पल पहनते हैं। बच्चों के कपड़े भी पानी और कीचड़ से गंदे हो जाते हैं, जिससे उन्हें स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है।
जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है। इससे राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती है।
सड़क किनारे दोनों साइड बने घर वालों के द्वारा मिट्टी ऊंचा कर दिया गया है जिसके कारण बरसात का पानी सड़क पर फंसा हुआ है। मिट्टी हटवाकर पानी निकास का समुचित व्यवस्था कराया जाएगा।- आरती देवी,मुखिया नवादा खरौनी
सड़क पर वर्षा का पानी जमा होने से हम लोगों को गांव से बाहर निकलने में भी पानी से गुजरना पड़ता है। - पप्पू सिंह,ग्रामीण
सड़क पर पानी जमा हो जाने के कारण सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को रही है उन्हें स्कूल कोचिंग जाने में काफी समस्या होती है। - अनिल यादव,ग्रामीण
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