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बांका के सरकारी स्कूलों में दावों की खुली पोल, कहीं पेड़ के नीचे क्लास तो कहीं जर्जर भवन

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:59 AM (IST)

बांका के चांदन प्रखंड के सरकारी स्कूलों की पड़ताल में चौंकाने वाली कमियां सामने आईं। जर्जर भवन, पेड़ के नीचे ...और पढ़ें

कहीं पेड़ के नीचे क्लास तो कहीं जर्जर भवन (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

कहीं पेड़ के नीचे क्लास तो कहीं जर्जर भवन (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

संवाद सूत्र, चांदन (बांका)। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और संसाधन मुहैया कराने के दावे जमीन पर कुछ और ही दिख रहे हैं। चांदन प्रखंड के विद्यालयों में जब इन दावों की पड़ताल की गई तो कई खामियां नजर आईं। 

बुधवार को दैनिक जागरण की टीम ने सात विद्यालयों की पड़ताल की। कहीं जर्जर भवन में बच्चे पढ़ते दिखे तो कहीं पेड़ के नीचे शिक्षण कार्य होता दिखा। शौचालय, चहारदीवारी और डेस्क-बेंच जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी विद्यालयों में अभाव दिखा। कहीं गंदगी तो बच्चों की अनुपस्थिति भी चिंता में डालने वाली दिखी।

पड़ताल-1: कन्या मध्य विद्यालय

यहां 208 बच्चे नामांकित हैं, 140 की उपस्थिति बताई गई। दस शिक्षक पदस्थापित हैं। इनमें आठ महिला और दो पुरुष शिक्षक शामिल हैं। एक शिक्षक के छुट्टी पर रहने की जानकारी दी गई। प्रधानाध्यापक अवधेश कुमार ने बताया कि छात्रों के लिए शौचालय जर्जर स्थिति में है।

पड़ताल-2: संस्कृत प्राथमिक विद्यालय

यहां 53 नामांकित बच्चों में 45 की उपस्थिति दिखी। मध्याह्न भोजन के बाद कुछ बच्चे क्रिकेट और कैरम खेलते दिखे। प्रधानाध्यापक भूपेंद्र तांती ने बताया कि केवल दो कमरों में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। भवन जर्जर है और सीलिंग की परत गिर रही है। रसोईघर को भी मरम्मत चाहिए। चहारदीवारी नहीं होने से आवारा पशु परिसर में घुस आते हैं।

पड़ताल-3: प्राथमिक विद्यालय डूमरथर

49 नामांकित बच्चों में 43 उपस्थित बताए गए। दिखे केवल 30। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बताया कि मध्याह्न भोजन के बाद कुछ बच्चे घर चले जाते हैं। विद्यालय में तीन शिक्षक हैं, लेकिन केवल प्रधानाध्यापक उपस्थित मिले। एक शिक्षक छुट्टी पर और दूसरे के बीआरसी में प्रतिनियोजन पर होने की जानकारी मिली।

पड़ताल-4: प्रोन्नत मध्य विद्यालय नावाडीह

496 नामांकित बच्चों में 308 की उपस्थिति बताई गई, दिखे 200 से भी कम। प्रभारी प्रधानाध्यापक वेद प्रसाद मालवीय के अनुसार, 12 शिक्षकों में तीन छुट्टी पर थे। शौचालय, वर्ग कक्ष और डेस्क-बेंच की कमी भी बताई गई। दोपहर साढ़े तीन बजे बच्चों को घर भेजने के लिए मुख्य द्वार पर कतार में खड़ा किया गया था। मुख्य द्वार पर गंदगी भी दिखी।

पड़ताल-5: प्रोन्नत मध्य विद्यालय छबेला

178 नामांकित बच्चों में 140 की उपस्थिति बताई गई। सात शिक्षकों में तीन के छुट्टी पर रहने की जानकारी दी गई। भवन की कमी से कुछ बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ते मिले। प्रधानाध्यापक नवीन कुमार ने बताया कि विद्यालय में केवल तीन कमरे हैं। अतिरिक्त भवन और शौचालय की जरूरत है।

पड़ताल-6: प्राथमिक विद्यालय लुरीटांड़

41 नामांकित बच्चों में 30 की उपस्थिति बताई गई। प्रधानाध्यापक संदीप कुमार यादव ने बताया कि शौचालय खराब होने से बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। रसोईघर की मरम्मत भी जरूरी है। दो शिक्षकों में एक बांका स्थित डायट में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

पड़ताल-7: प्राथमिक विद्यालय उर्दू चांदन

119 नामांकित बच्चों में 88 की उपस्थिति बताई गई। दोपहर 1.40 बजे तक बच्चे बाहर खेलते मिले। प्रभारी शिक्षिका पिंकी कुमारी ने बताया कि इसी समय प्रतिदिन घंटी बजती है। छह शिक्षकों में तीन के छुट्टी पर रहने की जानकारी दी गई। चहारदीवारी के अभाव के साथ परिसर में गंदगी थी और शौचालय में ताला बंद मिला।

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