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बांका: अब क्लस्टर में होगी सब्जी और बागवानी की खेती, किसानों को मिलेगा 50% तक अनुदान

Published: Sat, 03 Oct 2026 02:04 PM (IST)

बांका में किसानों को पारंपरिक खेती से व्यावसायिक बागवानी और सब्जी उत्पादन से जोड़ने की तैयारी है। उद्यान विभाग की ...और पढ़ें

क्लस्टर में होगी सब्जी और बागवानी की खेती (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

क्लस्टर में होगी सब्जी और बागवानी की खेती (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. किसानों को व्यावसायिक बागवानी और सब्जी उत्पादन से जोड़ा जाएगा।

  2. क्लस्टर आधारित योजनाओं में 50% तक अनुदान का प्रावधान।

  3. उत्पादन बढ़ाकर किसानों को बेहतर बाजार और आय मिलेगी।

संवाद सूत्र, बांका। किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक बागवानी और सब्जी उत्पादन से जोड़ने की तैयारी है। उद्यान विभाग की क्लस्टर आधारित योजनाओं के तहत किसान समूह बनाकर एक साथ सब्जी और उद्यानिकी फसलों की खेती कर सकेंगे। 

इससे उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को बाजार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करने का प्रयास किया जा रहा है। बिहार उद्यान निदेशालय की ओर से क्लस्टर में सब्जी-मसाला तथा क्लस्टर में बागवानी योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार क्लस्टर आधारित सब्जी-मसाला योजना में टमाटर, मिर्च जैसी फसलों को शामिल किया गया है। एक क्लस्टर में 25 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रविधान है और इसमें कम से कम 13 किसान सदस्य होंगे। टमाटर और हाइब्रिड मिर्च की खेती के लिए निर्धारित लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान का नियम है।

बाजार से जोड़ने पर रहेगा बल

क्लस्टर में खेती का उद्देश्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को सामूहिक रूप से बाजार उपलब्ध कराना भी है। एक साथ उत्पादन होने से फसल की मात्रा बढ़ेगी और किसानों को बिक्री के लिए बेहतर बाजार संपर्क मिल सकेगा। 

वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हाइब्रिड सब्जियों के क्षेत्र विस्तार में टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी को शामिल किया गया है। हाइब्रिड सब्जियों के लिए प्रति हेक्टेयर 60 हजार रुपये की निर्धारित लागत पर अधिकतम 40 प्रतिशत यानी 24 हजार रुपये तक अनुदान का प्रविधान है। सभी श्रेणियों में महिला किसानों को भी प्राथमिकता देने का नियम है।

फलदार पौधों के क्लस्टर को भी बढ़ावा

क्लस्टर बागवानी योजना में अमरूद, नींबू, एप्पल बेर, बेल, कटहल, आंवला, अनार सहित सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना में न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ तक लाभ का प्रविधान है। 

चयनित फलदार फसलों में अधिकतम एक लाख रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का प्रविधान है। इससे छोटे-छोटे खेतों में अलग-अलग फसल लगाने के बजाय किसान सामूहिक रूप से उत्पादन कर सकेंगे।

सब्जी से लेकर उद्यानिकी फसलों की क्लस्टर आधारित खेती पर जोर दिया जा रहा है। एक साथ मिलकर खेती करने से किसानों को उत्पाद की बिक्री में आसानी होगी और बेहतर मूल्य मिल सकेगा। क्लस्टर आधारित योजना के लिए विभाग की ओर से अनुदान का भी प्रावधान है। - दिवाकर कुमार भारती, जिला उद्यान पदाधिकारी

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