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द विलेज स्कूल में बांका में बच्चों संग साइकिल पर निकले डॉ. अनिल जोशी, बोले- चाय की दुकानों पर डस्टबिन देखना सुखद बदलाव

Published: Sat, 10 Oct 2026 08:48 PM (IST)

पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की 'प्रकृति साइकिल यात्रा' बांका के कटोरिया पहुंची, जहाँ उन्होंने बच्चों के साथ पर्यावरण चेतना ...और पढ़ें

कटोरिया स्थित 'द विलेज स्कूल' में साइकिल यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों और पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद करते प्रख्यात पर्यावरणविद् डा. अनिल प्रकाश जोशी

 कटोरिया स्थित 'द विलेज स्कूल' में साइकिल यात्रा के दौरान स्कूली बच्चों और पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद करते प्रख्यात पर्यावरणविद् डा. अनिल प्रकाश जोशी

HighLights

  1. डॉ. अनिल जोशी की 'प्रकृति साइकिल यात्रा' बांका पहुंची।

  2. कटोरिया के 'द विलेज स्कूल' में बच्चों संग साइकिल चलाई।

  3. बांका में बढ़ते वन क्षेत्र और स्वच्छता की सराहना की।

जागरण संवाददाता, बांका। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के लिए अलख जगाने निकले देश के जाने-माने पर्यावरणविद् डा. अनिल प्रकाश जोशी की 'प्रकृति साइकिल यात्रा' शनिवार को बांका जिले से अगले पड़ाव झारखंड के देवघर के लिए रवाना हो गई।

अहले सुबह बांका शहर से प्रस्थान करने के बाद यह यात्रा कटोरिया पहुंची, जहां 'द विलेज स्कूल' में उनका आत्मीय व भव्य अभिनंदन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने डा. जोशी के साथ उत्साहपूर्वक साइकिल चलाकर जन-जन तक पर्यावरण चेतना का संदेश पहुंचाया।

समारोह में उपस्थित प्रबुद्धजनों और शिक्षकों ने डा. जोशी का स्वागत करते हुए प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, पौधरोपण और सतत विकास के महत्व पर विचार रखे। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया गया कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी नीतियों तक सीमित न रखकर जनआंदोलन का रूप दिया जाए।

[सब-हेडिंग: सेटेलाइट सर्वे में बांका का बढ़ता वन क्षेत्र सुखद संकेत]

कटोरिया में 'दैनिक जागरण' से बातचीत करते हुए डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मनुष्य का अस्तित्व तभी सुरक्षित है जब वह प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे यह जानकर अत्यंत हर्ष हुआ कि बांका जिले में हरियाली का दायरा निरंतर समृद्ध हो रहा है। हालिया सेटेलाइट सर्वे में भी यहां वन क्षेत्र में स्पष्ट इजाफा दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बांका के जनमानस में प्रकृति के प्रति गहरा अनुराग है।"

चाय दुकानों पर डस्टबिन देख हुए प्रभावित

बांका जिले से विदा लेते समय डा. जोशी ने यहां की स्वच्छता और नागरिक अनुशासन की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने अपने सफर का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे भागलपुर से देवघर मार्ग के दौरान बांका जिले में कई स्थानों पर चाय की दुकानों पर रुके।

उन्होंने देखा कि सामान्य ग्रामीण चाय दुकानों के बाहर भी कचरा निस्तारण के लिए डस्टबिन रखे गए हैं। डा. जोशी ने कहा कि एक सामान्य दुकानदार का यह छोटा सा प्रयास इस बात का प्रमाण है कि स्वच्छता अब यहां की जीवनशैली का हिस्सा बन रही है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ा बदलाव है।

इस अभिनंदन समारोह में गौरव कुमार, अंकित दुबे, मुनिनाथ तिवारी, प्रिंस कुमार, कैप्टन मणिशेखर, निशी, अंजलि, तनुजा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और स्थानीय पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

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