7 लाख का खर्च, फिर भी लॉटरी से मौका: बांका के इस मंदिर में 2037 तक पूजा की एडवांस बुकिंग
बौंसी के देवीगढ़ कुड़रो मिर्जापुर स्थित दुर्गा मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था है, जहां दुर्गा पूजा के लिए वर्ष 2037 तक की बुकिंग हो चुकी है।

आस्था ऐसी कि 2037 तक देवी दुर्गा की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की बुकिंग
HighLights
देवीगढ़ दुर्गा मंदिर में 2037 तक पूजा बुकिंग।
पूजा खर्च के लिए लॉटरी सिस्टम से चयन।
मंदिर का एक करोड़ रुपये से हो रहा जीर्णोद्धार।
संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। आस्था के आगे खर्च की परवाह नहीं। प्रखंड के देवीगढ़ कुड़रो मिर्जापुर स्थित दुर्गा मंदिर में मां की पूजा कराने के लिए श्रद्धालुओं में ऐसी होड़ है कि वर्ष 2037 तक की एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
इतना ही नहीं, वर्ष 2037 के बाद भी पूजा कराने के इच्छुक 20 से 25 श्रद्धालुओं के आवेदन समिति के पास लंबित हैं। यहां पूजा कराने का अवसर किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि लॉटरी के माध्यम से मिलता है।
करीब 70 साल (1956 के आसपास) से चली आ रही यह परंपरा श्रद्धालुओं की अटूट आस्था की मिसाल बन गई है। गांव के ही प्रबुद्ध लोगों ने मिलकर मंदिर का निर्माण कराया था और इस परंपरा की शुरुआत की थी।
मंदिर में प्रत्येक वर्ष एक श्रद्धालु पूरे दुर्गा पूजा आयोजन का खर्च उठाता है। इस बार पबड़ा गांव के सुजीत यादव ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली है। पिछले वर्ष कुड़रो गांव के श्याम मिश्र ने पूजा का भार उठाया था।
मंदिर समिति के सचिव संजीव पांडे के अनुसार वर्तमान में दुर्गापूजा के आयोजन पर सात लाख रुपये से अधिक खर्च होते हैं। इसमें पंडाल, सजावट, प्रतिमा निर्माण, वैदिक अनुष्ठान, पंडितों की व्यवस्था, भंडारा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम शामिल हैं।
दरअसल, इस मंदिर की ख्याति बांका जिले तक सीमित नहीं है। बिहार और झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु भी यहां पूजा कराने के लिए आगे आते हैं। मन्नत पूरी होने पर वर्ष 2021 में कोलकाता के भानू शंकर मिश्रा ने पूरे आयोजन का खर्च वहन किया था।
समिति के अनुसार, शुरुआत में दुर्गा पूजा पर 20 से 25 हजार रुपये खर्च होते थे। समय के साथ महंगाई और आयोजन के विस्तार के कारण खर्च बढ़कर सात लाख रुपये से अधिक हो गया है।
एक करोड़ से होगा मंदिर का जीर्णोद्धार
मंदिर के जीर्णोद्धार का काम वर्ष 2024 से शुरू हुआ है। अब तक इस पर 60 से 70 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। पूरे मंदिर के निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
कुड़रो पंचायत की सात से आठ हजार आबादी वाले क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में दुर्गापूजा को लेकर हर वर्ष विशेष उत्साह रहता है।
आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष दिनेश यादव, सचिव संजीव पांडे, कोषाध्यक्ष सह मेला अध्यक्ष रामप्रकाश यादव सहित समिति के अन्य सदस्य जुटे हैं।
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