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NDA Success Story: ब‍िहार के आयुष आनंद ने रचा इतिहास, UPSC NDA में हासिल की AIR 99; बनेंगे एयरफोर्स फ्लाइंग ऑफिसर

Published: Sat, 07 Nov 2026 08:59 AM (IST)

NDA Success Story: बांका के आयुष आनंद ने यूपीएससी एनडीए में 99वीं रैंक हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया ...और पढ़ें

NDA Success Story: UPSC NDA में बांका के आयुष आनंद का जलवा! ऑल इंडिया 99वीं रैंक हासिल कर बनेंगे एयरफोर्स ऑफिसर

NDA Success Story: UPSC NDA में बांका के आयुष आनंद का जलवा! ऑल इंडिया 99वीं रैंक हासिल कर बनेंगे एयरफोर्स ऑफिसर

HighLights

  1. आयुष आनंद ने यूपीएससी एनडीए में 99वीं रैंक प्राप्त की।

  2. वे भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनेंगे, देश की सेवा करेंगे।

  3. बांका जिले के सिरांय मोहल्ले में जश्न का माहौल है।

संवाद सहयोगी,  बौंसी (बांका)। NDA Success Story: दृढ़ संकल्प, अनुशासित दिनचर्या और कड़े परिश्रम के दम पर इंसान अपने सपनों को किस कदर हकीकत में बदल सकता है, इसकी अनूठी मिसाल पेश की है बांका जिले के लाल आयुष आनंद ने।

बौंसी नगर पंचायत के सिरांय मोहल्ले के निवासी आयुष आनंद ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के अंतिम परिणाम में देशभर में 99वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले व बिहार का नाम रोशन किया है।

बचपन से ही आसमान में लड़ाकू विमान उड़ाने का सपना संजोने वाले आयुष ने भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) में फ्लाइंग ऑफिसर को अपनी पहली प्राथमिकता के रूप में चुना है।

संस्कारों की छांव और शिक्षक परिवार से मिली प्रेरणा

आयुष एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां शिक्षा और अनुशासन को जीवन का मूलमंत्र माना जाता है। उनके पिता मनोज कुमार मध्य विद्यालय फतेहपुर, सबौर में प्रधानाध्यापक के पद पर सेवारत हैं।

वहीं आयुष के नाना अवधेश कुमार मणियारपुर उच्च विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हैं तथा नानी इंदु रानी उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिरांय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।

घर में शिक्षा का माहौल होने के कारण आयुष को बचपन से ही ज्ञान, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा की प्रेरणा मिलती रही। पिता और नाना-नानी के मार्गदर्शन ने उन्हें हर कदम पर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की।

स्कूल टॉपर से एनडीए तक का सफर, कोटा में तराशी मेधा

आयुष आरंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा के दौरान वर्ष 2024 में होली फैमिली स्कूल, भागलपुर में टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2026 में दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल से उत्कृष्ट अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने रक्षा सेवा में जाने का दृढ़ निश्चय किया और राजस्थान के कोटा का रुख किया। कोटा में रहकर उन्होंने एनडीए की लिखित परीक्षा और एसएसबी (SSB) इंटरव्यू की बारीकियों को समझा और दिन-रात कड़ा अभ्यास किया।

एयरफोर्स की वर्दी पहन देश सेवा का लक्ष्य, घर में जश्न का माहौल

आयुष का चयन देश के सबसे कठिन व प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों में से एक में हुआ है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही सिरांय मोहल्ले सहित पूरे बौंसी और बांका जिले में जश्न का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आयुष का कहना है कि लक्ष्य तय कर यदि निरंतर ईमानदारी से प्रयास किया जाए, तो कोई भी मंजिल कठिन नहीं होती।

अब वे एनडीए खडकवासला (पुणे) में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बन देश की सीमाओं की निगहबानी करेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, गुरुजनों, ग्रामीणों और शहरवासियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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