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बांका में 15 नवंबर से धान की सरकारी खरीद! ₹72 ज्यादा मिलेगा MSP, रैयत और गैर-रैयत किसानों के लिए आवेदन शुरू

Published: Sun, 25 Oct 2026 12:54 PM (IST)

Banka Paddy Procurement MSP 2026: बांका जिले में 15 नवंबर से धान की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ...और पढ़ें

Banka Paddy Procurement MSP 2026: बांका के किसानों के लिए खुशखबरी! 15 नवंबर से पैक्सों में धान खरीद, ₹2461 तक मिलेगा दाम; ऑनलाइन आवेदन शुरू

Banka Paddy Procurement MSP 2026: बांका के किसानों के लिए खुशखबरी! 15 नवंबर से पैक्सों में धान खरीद, ₹2461 तक मिलेगा दाम; ऑनलाइन आवेदन शुरू

HighLights

  1. बांका में 15 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू।

  2. किसानों को प्रति क्विंटल ₹72 अधिक एमएसपी मिलेगा।

  3. रैयत और गैर-रैयत किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

संवाद सूत्र, बांका। Banka Paddy Procurement MSP 2026: जिले के अन्नदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। बांका जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की सरकारी खरीद आगामी 15 नवंबर से शुरू होगी। पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से धान बेचने के इच्छुक रैयत एवं गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों तरह के किसानों के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस बार किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। जिला सहकारिता विभाग और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी खरीद केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की तैयारी युद्धस्तर पर शुरू कर दी है।

₹72 प्रति क्विंटल अधिक मिलेगा मूल्य, DBT से होगा भुगतान

इस खरीफ विपणन सत्र के लिए सरकार ने सामान्य धान का समर्थन मूल्य ₹2441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान के लिए ₹2461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष सामान्य धान ₹2369 और ग्रेड-ए ₹2389 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था। इस प्रकार इस साल दोनों ही श्रेणियों में किसानों को ₹72 प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे।

खरीद प्रक्रिया को बिचौलियों से मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए भुगतान की व्यवस्था सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में की जाएगी। रैयत किसान अपनी जमीन के अद्यतन दस्तावेजों (एलपीसी/लगान रसीद) के आधार पर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, गैर-रैयत व बटाईदार किसानों को वार्ड सदस्य अथवा किसान सलाहकार से सत्यापित स्व-घोषणा पत्र अपलोड कर आवेदन करने की विशेष सुविधा दी गई है, ताकि वास्तविक खेतीहर किसानों को बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम में धान न बेचना पड़े।

पैक्सों में नमी मापक यंत्र और गोदामों की सफाई के निर्देश

खरीद केंद्रों पर अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभाग ने पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों को गोदामों की सघन साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। धान में नमी की सटीक जांच के लिए सभी पैक्स और व्यापार मंडलों में नमी मापक यंत्र (मॉइस्चर मीटर) रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार ही अनाज की खरीद हो सके।

जिले के कई पैक्सों में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए नए गोदामों का निर्माण भी कराया गया है। सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों (BCIO) को निर्देश दिया गया है कि वे समय रहते अपने-अपने क्षेत्र के खरीद केंद्रों, तौल मशीनों और भंडारण व्यवस्था का भौतिक सत्यापन पूरा करें।

1.12 लाख हेक्टेयर में हुई है खेती, कटाई में आएगी तेजी

बांका जिले में इस वर्ष लगभग 1.12 लाख हेक्टेयर भूभाग में धान की फसल लगाई गई है। हालांकि मॉनसून की शुरुआत में बारिश की कमी के चलते कई इलाकों में रोपनी में आंशिक विलंब हुआ था, लेकिन बाद में अनुकूल मौसम से फसल बेहतर स्थिति में पहुंच गई।

शुरुआती दौर में रोपे गए खेतों में फसल पककर तैयार हो चुकी है और दीपावली व छठ महापर्व के बाद कटाई में व्यापक तेजी आने की उम्मीद है। ऐसे में 15 नवंबर से सरकारी खरीद केंद्र खुल जाने से किसानों को अपनी गाढ़ी कमाई का सही और सुरक्षित बाजार मिल सकेगा।

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"जिले में 15 नवंबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन शुरू हो चुका है। सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति के किसान तक एमएसपी का लाभ पहुंचाना है। सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को जागरूक कर ज्यादा से ज्यादा आवेदन सुनिश्चित कराएं।"

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— प्रफुल्ला चंद्र सिन्हा, जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO), बांका