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बरबीघा-पंजवारा एनएच 333ए के दायरे में आया एसएफसी गोदाम; अधिकारियों की टीम ने की मापी, टूटेगा प्रभावित हिस्सा

Published: Thu, 15 Oct 2026 09:10 AM (IST)

NH 333A Construction Katoria Banka; बांका के कटोरिया में NH 333A के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए एसएफसी गोदाम का ...और पढ़ें

NH 333A निर्माण; NH 333A Construction Katoria Banka

 NH 333A निर्माण; NH 333A Construction Katoria Banka

HighLights

  1. एनएच 333ए चौड़ीकरण के लिए एसएफसी गोदाम का निरीक्षण।

  2. गोदाम का हिस्सा सड़क एलाइनमेंट में आने से प्रभावित।

  3. अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र की मापी और सीमांकन किया।

संवाद सूत्र, कटोरिया (बांका)।NH 333A Construction Katoria Banka; महत्वाकांक्षी बरबीघा-पंजवारा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-333A) के निर्माण और चौड़ीकरण की प्रक्रिया बांका जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में बुधवार को कटोरिया स्थित राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) गोदाम परिसर का अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय संयुक्त टीम ने गहन मुआयना किया। सड़क के निर्धारित एलाइनमेंट के दायरे में गोदाम का एक हिस्सा आने के कारण तकनीकी व प्रशासनिक स्थिति का जायजा लेने के लिए यह कदम उठाया गया।

एलाइनमेंट के अनुसार हुई मापी, प्रभावित हिस्से का हुआ सीमांकन

निरीक्षण दल में एसएफसी के जिला प्रबंधक (डीएम) फरहान अख्तर, सहायक प्रबंधक रूपेश कुमार, आईटी मैनेजर तथा एनएच विभाग के सहायक अभियंता (एई) सुधीर कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में तकनीकी कर्मियों द्वारा सड़क के केंद्र बिंदु (सेंटर लाइन) और निर्धारित एलाइनमेंट के आधार पर गोदाम परिसर की विस्तृत मापी की गई।

इस दौरान यह सटीक जानकारी जुटाई गई कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए गोदाम का कितना रकबा और भवन का कितना भाग जद में आ रहा है। अधिकारियों ने प्रभावित होने वाले हिस्से की लंबाई-चौड़ाई की पैमाइश कर उसे चिह्नित किया, ताकि निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी रुकावट न आए।

सरकारी भवनों व संरचनाओं पर भी पड़ रहा असर

एनएच-333ए के निर्माण के क्रम में अधिग्रहित होने वाली निजी भूमि के साथ-साथ मार्ग में पड़ने वाले कई सरकारी भवनों, चहारदीवारी और अन्य स्थायी संरचनाओं पर भी असर पड़ रहा है। कटोरिया स्थित एसएफसी गोदाम खाद्यान्न भंडारण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है।

ऐसे में गोदाम का कितना हिस्सा टूटेगा और शेष हिस्से में भंडारण व्यवस्था कैसे सुचारू रखी जाएगी, इसका आकलन आगे की विभागीय योजना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि मापी के आधार पर तैयार की गई संयुक्त रिपोर्ट संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद गोदाम के चिन्हित हिस्से को हटाने और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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