बांका। आंबेडकर स्मारक परिसर में गुरुवार से पड़ी लावारिश महिला के शव की खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित होते ही शनिवार सुबह पुलिस सक्रिय हो गई। शव का अंतिम संस्कार स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बदुआ नदी में पंचरुखी घाट पर कर दिया।

हद तब हो गई जब दलितों की आढ़ में राजनीति की रोटी सेंकने वाले किसी भी दल के नेता, कार्यकर्ता अंतिम संस्कार में आगे नहीं आए। स्मारक के बगलगीर संतोष कुमार भगत, बास्की मोदी, अनंत भगत, प्रो. दिवाकर भगत सहित अन्य अंतिम संस्कार के लिए सामने आए। सभी लोगों ने स्थानीय पुलिस को आवेदन देकर पोस्टमार्टम नहीं कराने तथा अंतिम संस्कार करा देने की मांग की। थानाध्यक्ष विनोद कुमार, चौकीदार विजय कुमार सिंह ने भी अंतिम संस्कार में अपना हाथ बंटाया। हिदू रीति रिवाज के साथ शव को चौकीदारों ने अर्थी पर रख बदुआ नदी के पंचरुखी घाट ले गए। थानाध्यक्ष ने अंतिम संस्कार का खर्च वहन किया। कुछ राशि स्थानीय लोगों ने भी खर्च किए। थानाध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक मृतका पर किसी की नजर नहीं पड़ी थी। इसकी जानकारी होते ही शव को स्मारक से बाहर निकाल थाना परिसर में रखा गया था। शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।

Posted By: Jagran

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