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बच्चा रोया तो पिता ने थपकी देकर सुलाया! सुबह दोनों की मौत से पसरा मातम, बांका में करैत सांप के डंसने से उजड़ा परिवार

Published: Fri, 18 Sep 2026 03:29 PM (IST)

Banka Snake Bite Father Son Death : बांका के धोरैया में सर्पदंश से एक पिता और उसके दो वर्षीय बेटे ...और पढ़ें

Banka Snake Bite Father Son Death : बांका में करैत के डंसने से पिता और दो साल के मासूम बेटे की मौत; झाड़फूंक के चक्कर में बिगड़ी हालत, पसरा मातम

Banka Snake Bite Father Son Death : बांका में करैत के डंसने से पिता और दो साल के मासूम बेटे की मौत; झाड़फूंक के चक्कर में बिगड़ी हालत, पसरा मातम

HighLights

  1. बांका में करैत सांप के डंसने से पिता-पुत्र की मौत।

  2. बच्चे के रोने पर पिता ने समझा डर, थपकी दी।

  3. झाड़फूंक में समय गंवाने से अस्पताल पहुंचने में हुई देर।

संवाद सूत्र, धोरैया (बांका)। Banka Snake Bite Father Son Death : आधी रात में जब दो साल के मासूम बेटे के रोने की सिसकियां गूंजीं, तो पिता ने बड़े दुलार से उसे सीने से लगाया, प्यार से थपकी दी और फिर सुला दिया। लाचार पिता को तनिक भी भान नहीं था कि जिस बिस्तर पर वे लेटे हैं, वहां काल बनकर बैठा जहरीला करैत सांप उनके जिगर के टुकड़े को डंस चुका है। बच्चे को सुलाने के कुछ ही पलों बाद उसी जहरीले सांप ने पिता को भी अपना शिकार बना लिया।

शुक्रवार की सुबह जब उजली धूप खिली, तो उस घर में जीवन की आस के बदले पिता और पुत्र दोनों के बेजान शव पड़े थे। यह हृदयविदारक घटना धोरैया प्रखंड की चलना पंचायत अंतर्गत इस्लामपुर गांव की है। मृतकों की पहचान इस्लामपुर निवासी मो. सरफराज अंसारी (28) और उनके दो वर्षीय पुत्र सुफियान अंसारी के रूप में हुई है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की देर रात सरफराज अपने मासूम बेटे के साथ कमरे में फर्श (जमीन) पर सोए हुए थे।

देर रात एक विषैले करैत सांप ने पहले मासूम सुफियान को डंस लिया। जहर के दर्द से बच्चा बिलख कर रोने लगा, लेकिन पिता ने समझा कि शायद वह नींद में डर गया है। उन्होंने बच्चे को शांत कराकर दोबारा सुला दिया। इसके कुछ ही देर बाद सांप ने सरफराज को भी डंस लिया। अचानक तेज जलन और दर्द होने पर जब सरफराज की आंख खुली, तो उन्होंने बिस्तर के पास करैत सांप को देखा और शोर मचाते हुए उसे मार डाला।

  • बांका जिले के धोरैया प्रखंड अंतर्गत चलना पंचायत के इस्लामपुर गांव में सर्पदंश से पिता और दो वर्षीय पुत्र की दर्दनाक मौत

  • जमीन पर सोने के दौरान विषैले करैत ने पहले मासूम सुफियान और फिर 28 वर्षीय पिता सरफराज अंसारी को बनाया अपना शिकार

  • बच्चे के रोने पर पिता ने समझा सामान्य बात, थपकी देकर सुलाया; सुबह बिस्तर पर मृत मिला दो साल का मासूम

  • अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक के चक्कर में गंवाया कीमती समय; सदर अस्पताल ले जाते समय पिता ने भी तोड़ा दम

अंधविश्वास ने छीनी सांसें, झाड़फूंक के चक्कर में गंवाया समय

सर्पदंश की पुष्टि होने के बावजूद परिजनों की अज्ञानता और अंधविश्वास ने हालात बिगाड़ दिए। स्वजन तुरंत किसी सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय सरफराज को झाड़फूंक कराने के लिए झारखंड सीमा से सटे जयपुर ले गए। झाड़फूंक के चक्कर में कई बेशकीमती घंटे बर्बाद हो गए और जहर तेजी से पूरे शरीर में फैलने लगा।

Banka Father Son Die After Krait Snake Bite Superstition Blamed (1)

जब सरफराज की हालत अत्यधिक बिगड़ने लगी और वह अचेत होने लगे, तब घबराए परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धोरैया लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत सदर अस्पताल बांका रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पति का शव आने से पहले ही मां की गोद में शांत हो चुका था मासूम

दूसरी ओर, घर पर सोया दो वर्षीय मासूम सुफियान हमेशा के लिए खामोश हो चुका था। जब मां आयशा खातून सुबह अपने बेटे को जगाने पहुंचीं, तो शरीर में कोई हलचल न देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मासूम का शरीर ठंडा पड़ चुका था। एक ही झटके में पति और कलेजे के टुकड़े को खो देने वाली मां आयशा की चीत्कार से पूरा गांव दहल उठा। गांव की हर आंख नम हो गई और पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया।

डेढ़ माह पूर्व हैदराबाद से लौटे थे, गरीबी ने जमीन पर सुलाया

मृतक सरफराज बेहद गरीब थे और मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। आजीविका की तलाश में वे अक्सर हैदराबाद जाते थे और करीब डेढ़ माह पहले ही परदेस से घर लौटे थे। पक्के बिस्तर और चारपाई के अभाव में वे परिवार सहित फर्श पर सोने को विवश थे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि करैत का न्यूरोटॉक्सिक जहर बेहद खतरनाक होता है, जो तंत्रिका तंत्र को तेजी से जाम कर देता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बरसात और उमस भरे मौसम में जमीन पर सोने से बचें, बिस्तर को हमेशा झाड़कर सोएं और सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक के जाल में समय गंवाए बिना सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) का इंजेक्शन लगवाएं।

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