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डॉक्टर-टेक्नीशियन नहीं, फिर भी चल रहा था अल्ट्रासाउंड सेंटर! बांका के बेलहर में देव सेंटर सील, खुलेंगे कई राज

Published: Wed, 07 Oct 2026 05:50 PM (IST)

बांका के बेलहर में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर देव अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया गया, जहां डॉक्टर और तकनीशियन नदारद थे।

बांका के बेलहर बाजार में बिना डॉक्टर व कागजात के संचालित देव अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करती प्रशासनिक और पुलिस टीम

बांका के बेलहर बाजार में बिना डॉक्टर व कागजात के संचालित देव अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करती प्रशासनिक और पुलिस टीम

HighLights

  1. देव अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना डॉक्टर-तकनीशियन के चल रहा था।

  2. बांका डीएम के निर्देश पर सेंटर को सील किया गया।

  3. बेलहर में अवैध क्लिनिकों पर कार्रवाई से कई राज खुलेंगे।

संवाद सूत्र, बेलहर (बांका)। Banka Illegal Ultrasound Clinic Action: बांका जिले के बेलहर प्रखंड क्षेत्र में लंबे समय से कुकुरमुत्ते की तरह फल-फूल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों, फर्जी पैथोलॉजी जांचघरों और निजी क्लिनिकों के खिलाफ प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला है।

बुधवार को बांका के जिलाधिकारी (डीएम) अंशुल अग्रवाल के कड़े निर्देश पर गठित प्रशासनिक और पुलिस टीम ने बेलहर बाजार स्थित 'देव अल्ट्रासाउंड सेंटर' पर अचानक छापेमारी की। जांच के दौरान सेंटर पर न तो कोई अधिकृत डॉक्टर मिला और न ही कोई प्रशिक्षित तकनीशियन।

  • बांका डीएम अंशुल अग्रवाल के आदेश पर प्रशासनिक टीम ने बेलहर बाजार स्थित 'देव अल्ट्रासाउंड सेंटर' की जांच की

  • मौके पर न डॉक्टर मिले न तकनीशियन; कागजात मांगने पर 1 घंटे तक नहीं पहुंचा कोई प्रतिनिधि, सेंटर किया गया सील

  • स्थानीय लोगों का आरोप: साहबगंज और बेलहर में बिचौलिए सक्रिय, फर्जी क्लिनिकों में प्रसूताओं से की जा रही मोटी उगाही

  • सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने कहा—देव अल्ट्रासाउंड अवैध पाए जाने पर सील हुआ, सीएचसी में अब सरकारी अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू

कागजात पेश करने में असमर्थ रहने के बाद अधिकारियों ने सेंटर को मौके पर ही सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार, अंचलाधिकारी (सीओ) आलोक कुमार, सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा।

फर्जी जांचघरों व नर्सिंग होम का मकड़जाल, बिचौलियों के सिंडिकेट से मरीजों का दोहन

स्थानीय लोगों के अनुसार, बेलहर बाजार के साथ-साथ साहबगंज बाजार के देवघर रोड में कई निजी क्लिनिक और पैथोलॉजी लैब बिना किसी मानक व लाइसेंस के बेधड़क संचालित हो रहे हैं। इन गैर-कानूनी संस्थानों में मरीजों और विशेषकर प्रसूताओं को फुसलाकर लाने के लिए बिचौलियों का पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है।

प्रसूताओं को सरकारी अस्पताल से निजी नर्सिंग होम तक पहुंचाकर जांच और इलाज के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठी जाती है। पहले भी कई बार प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण हादसों के आरोप लग चुके हैं, हालांकि जांच के बाद कार्रवाई की सुस्त रफ्तार पर हमेशा सवाल खड़े होते रहे हैं।

पहले भी सील हो चुका था सेंटर, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी तंत्र की खुली पोल

इस कार्रवाई के बाद बेलहर में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि 'देव अल्ट्रासाउंड सेंटर' पर पूर्व में भी सील करने की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद बिना किसी वैद्य कागजात, डॉक्टर और तकनीशियन के यह सेंटर दोबारा धड़ल्ले से कैसे संचालित हो रहा था?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल संचालक की दबंगई नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले तंत्र की अनदेखी का भी परिणाम है। अब देखना यह होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के साथ-साथ क्या लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।

"डीएम साहब के निर्देश पर की गई जांच में देव अल्ट्रासाउंड सेंटर पूरी तरह अवैध पाया गया है। कागजात व विशेषज्ञ टीम उपलब्ध न होने के कारण सेंटर को सील कर दिया गया है। आम जनता को राहत देने के लिए बेलहर सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में ही निशुल्क अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कर दी गई है।"

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— डॉ. अनिल कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (सीएचसी बेलहर, बांका)