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APK फाइल डाउनलोड करते ही साइबर ठगों ने उड़ाए 20 लाख, पीएम किसान योजना के नाम पर ठगी

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:10 PM (IST)

साइबर ठगों ने पीएम किसान योजना के नाम पर एक एपीके फाइल भेजकर कई लोगों के बैंक खातों से लगभग 20 लाख रुपये उड़ा लिए।

एपीके फाइल डाउनलोड करते ही साइबर ठगों ने उड़ाए 20 लाख, पीएम किसान योजना के नाम पर ठगी (AI Generated Image)

एपीके फाइल डाउनलोड करते ही साइबर ठगों ने उड़ाए 20 लाख, पीएम किसान योजना के नाम पर ठगी (AI Generated Image)

HighLights

  1. साइबर ठगों ने एपीके फाइल से 20 लाख रुपये ठगे।

  2. पीएम किसान योजना के नाम पर व्हाट्सएप से ठगी।

  3. बांका में रिश्तेदारों के बैंक खाते खाली किए गए।

संवाद सहयोगी, अमरपुर (बांका)। साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक एपीके (APK) फाइल के जरिए कई लोगों के बैंक खातों से करीब 20 लाख रुपये उड़ा लिए। मामला लक्ष्मीपुर चिरैया पंचायत के लौंगाय गांव का है।

लौंगाय गांव के राकेश कुमार को व्हाट्सएप के माध्यम से पीएम किसान योजना के नाम पर एक एपीके फाइल भेजी गई थी। इसे डाउनलोड करने के बाद साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया और उनके रिश्तेदारों व दोस्तों को निशाना बनाया।

राकेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पूर्व उनके व्हाट्सएप नंबर 9334623380 पर मोबाइल नंबर 7366012155 से पीएम किसान योजना के नाम से एक एपीके फाइल आई थी। इसके साथ एक स्कैनर भी था। फाइल डाउनलोड करने पर उसमें कुछ नहीं दिखा। उन्हें लगा कि किसी ने शरारत की है।

हालांकि, इस दौरान साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया था। इसके बाद ठगों ने उनके नाम से उनके रिश्तेदारों और दोस्तों को व्हाट्सएप संदेश भेजकर दो-दो हजार रुपये की मांग की। झांसे में आकर करीब 15 से 20 रिश्तेदारों एवं दोस्तों ने स्कैनर के माध्यम से ऑनलाइन रुपये भेज दिए।

इसके बाद साइबर ठग बैंक खातों से भी ऑनलाइन निकासी करने लगे। राकेश ने बताया कि लौंगाय गांव के एक रिश्तेदार के खाते से 1 लाख 93 हजार रुपये की निकासी कर ली गई है।

इसके अलावा नवगछिया के तेलधी, खगड़िया के कठैला समेत अन्य स्थानों पर रहने वाले दर्जनभर से अधिक रिश्तेदारों के खातों से भी रुपये निकाल लिए गए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों द्वारा रिश्तेदारों एवं दोस्तों से लगभग 15 से 20 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।

उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते में मात्र 34 रुपये थे, जिस कारण ठग उनके खाते से रुपये नहीं निकाल सके। खाते से निकासी नहीं होने के कारण उन्हें शुरुआत में मोबाइल हैक होने की जानकारी नहीं मिली। रिश्तेदारों और दोस्तों से ठगी की जानकारी मिलने पर उन्हें पूरे मामले का पता चला।

इसके बाद उन्होंने थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

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