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बांका में पति-पत्नी ने एक साथ लहराया परचम, BSUCSC परीक्षा पास कर बने असिस्टेंट प्रोफेसर 

Published: Mon, 19 Oct 2026 09:07 AM (IST)

बांका के बल्लीकित्ता निवासी संयुक्ता भारती और डॉ. अमित कुमार ने बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग की स्थायी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।

अमित कुमार और संयुक्ता। फाइल फोटो

अमित कुमार और संयुक्ता। फाइल फोटो

HighLights

  1. संयुक्ता भारती और डॉ. अमित कुमार बने असिस्टेंट प्रोफेसर।

  2. बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग की परीक्षा में मिली सफलता।

  3. वर्षों के संघर्ष और मेहनत का मिला मीठा फल।

जागरण संवाददाता, बांका। संघर्ष, धैर्य और मेहनत के दम पर अमरपुर प्रखंड के बल्लीकित्ता की संयुक्ता भारती और उनके पति डॉ. अमित कुमार ने बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग की स्थायी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में सफलता हासिल की है। सामान्य श्रेणी में डॉ. अमित ने 8वां, जबकि संयुक्ता ने 24वां स्थान प्राप्त किया है।

वर्षों तक अतिथि और संविदा पर सेवा देने के बाद मिली इस सफलता से परिवार में खुशी है। डॉ. अमित ने एसएनजे हाई स्कूल, बेलहर से द्वितीय श्रेणी में मैट्रिक और टीएनबी कॉलेज, भागलपुर से प्रथम श्रेणी में स्नातक किया। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग से प्रथम श्रेणी में स्नातकोत्तर और पीएचडी की।

वर्ष 2018 में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, झारखंड में संविदा सहायक प्रोफेसर के रूप में करियर शुरू किया। वर्ष 2019 में मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर में अतिथि सहायक प्रोफेसर बने।

संविदा आधारित परीक्षा-2026 में सफल होने के बाद वर्तमान में राजकीय डिग्री महाविद्यालय, फुल्लीडूमर में कार्यरत हैं।

तीनों बहनों ने लहराया परचम 

इधर, संयुक्ता की शुरुआती पढ़ाई माउंट कार्मेल और मोक्षदा इंटर स्कूल भागलपुर में हुई। विपरीत परिस्थितियों में शाहपुर हाई स्कूल, अमरपुर से द्वितीय श्रेणी में मैट्रिक किया।

एसएम कॉलेज , भागलपुर से स्नातक और तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर व पीएचडी पूरी की। वर्ष 2010 में नेट उत्तीर्ण किया।

वर्ष 2018 में एसएम कॉलेज से अतिथि सहायक प्रोफेसर के रूप में करियर शुरू किया। इसके बाद एलएनएमयू के एमएलएस कॉलेज और मुंगेर विश्वविद्यालय के केएसएस कॉलेज में सेवा दी।

वर्तमान में राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बेलहर में कार्यरत हैं। संयुक्ता तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी दोनों छोटी बहनें भी बीपीएससी उत्तीर्ण कर शिक्षिका बनी हैं।

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