बांका में बदुआ नदी का रौद्र रूप; पीपापुल डूबा, तारापुर हाट व स्कूल का संपर्क टूटा; तय करना होगा 10 KM ज्यादा दूरी
Banka Badua River Peepa Pul Submerged: बांका में भारी बारिश से बदुआ नदी का पीपापुल डूब गया है, जिससे कई ...और पढ़ें
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Banka Badua River Peepa Pul Submerged : शंभूगंज में पीपा पुल पर चढ़ा पानी।
HighLights
भारी बारिश से बांका में बदुआ नदी का पीपापुल डूबा।
कई गांवों का तारापुर हाट और स्कूलों से संपर्क टूटा।
ग्रामीण स्थायी पुल की मांग पर आंदोलन की चेतावनी दे रहे।
संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। Banka Badua River Peepa Pul Submerged: क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बदुआ और गंगटी सहित अन्य पहाड़ी नदियों का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। बदुआ नदी के बढ़ते जलस्तर ने बग्घा गांव के समीप बने अस्थायी पीपापुल पर भारी संकट खड़ा कर दिया है।
नदी का उफान इतना तेज है कि पीपापुल के ऊपर से करीब दो फीट पानी की तेज धारा बह रही है। किसी भी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर इस रास्ते से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। तेज बहाव को देखते हुए ग्रामीणों को भय सता रहा है कि पीपापुल कभी भी बहकर नदी के गर्त में समा सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, बदुआ नदी के पार स्थित रामपुर और मुंगेर जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र तारापुर हाट-बाजार जाने के लिए यह एकमात्र सुलभ संपर्क मार्ग है। इसके अलावा बच्चों के स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और खेती-किसानी के दैनिक कार्यों के लिए चंद्रपुर बग्घा, योगी बग्घा और बाटो सहित आधा दर्जन गांवों के हजारों लोग रोजाना इसी पुल के सहारे आवाजाही करते हैं। पुल पर पानी फिरने से इन तमाम गांवों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह पटरी से उतर गई है।
चंदे और श्रमदान से बनाते हैं पुल, हर साल बह जाती है मेहनत
ग्रामीण किशोर यादव, पप्पू यादव, राजीव मंडल, विंदेश्वरी मांझी और आत्मानंद ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि बदुआ नदी पर पुल न होना वर्षों पुरानी त्रासदी है। प्रत्येक वर्ष ग्रामीण आपस में चंदा एकत्र करते हैं और सामूहिक श्रमदान के जरिए ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी पीपापुल तैयार करते हैं।
किंतु जैसे ही मानसूनी बारिश शुरू होती है, नदी का तेज बहाव इस अस्थायी निर्माण को बहा ले जाता है। इससे ग्रामीणों को हर साल आर्थिक नुकसान तो उठाना ही पड़ता है, साथ ही महीनों तक मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
10 किलोमीटर का चक्कर लगाने की मजबूरी, स्कूली बच्चे परेशान
बदुआ नदी पीपापुल संकट
स्थान: बग्घा गांव के समीप, बदुआ नदी (शंभुगंज प्रखंड, बांका)।
वर्तमान स्थिति: पीपापुल के ऊपर से करीब 2 फीट पानी का तेज बहाव, आवाजाही बंद।
प्रभावित गांव: चंद्रपुर बग्घा, योगी बग्घा, बाटो, रामपुर आदि।
वैकल्पिक मार्ग: गढ़ी मोहनपुर होकर करीब 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग: बदुआ नदी पर अविलंब स्थायी उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का निर्माण।
ग्रामीणों ने बताया कि बदुआ नदी का यह सीधा मार्ग अवरुद्ध होने के कारण अब ग्रामीणों, मरीजों और स्कूली बच्चों को गढ़ी मोहनपुर होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस वैकल्पिक रास्ते से जाने पर लगभग 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पेट्रोल-डीजल के खर्च के साथ-साथ समय की भारी बर्बादी हो रही है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी किसानों और छोटे व्यापारियों को उठानी पड़ रही है।
सिर्फ मिला आश्वासन, अब आंदोलन ही अंतिम रास्ता
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि बदुआ नदी पर स्थायी उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र के सांसद और स्थानीय विधायक से दर्जनों बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासनों का झुनझुना थमा दिया गया। धरातल पर अब तक कोई ठोस विभागीय पहल नहीं हुई है।
नदी के बढ़ते जलस्तर और प्रशासन की उपेक्षा के बीच ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस बार स्थायी पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे क्षेत्र के लोग एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे और चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंकेंगे।
