दो जगह नौकरी, अब 2 झोला कागजात! औरंगाबाद में सिविल सर्जन ऑफिस का निलंबित क्लर्क गिरफ्तार
औरंगाबाद में निलंबित क्लर्क कृष्ण प्रसाद वर्मा को सिविल सर्जन कार्यालय से कागजात चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया ...और पढ़ें

निलंबित किरानी कृष्ण प्रसाद वर्मा को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।
HighLights
निलंबित क्लर्क कृष्ण प्रसाद वर्मा कागजात चोरी के आरोप में गिरफ्तार।
सिविल सर्जन कार्यालय से छुट्टी के दिन कागजात ले जाने का प्रयास।
आरोपी पहले से ही दो जगह नौकरी करने पर निलंबित था।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। निलंबन के बाद भी कार्यालय से मोह नहीं छूटा और छुट्टी के दिन कथित रूप से कागजात लेकर निकलने की कोशिश भारी पड़ गई।
औरंगाबाद स्थित सिविल सर्जन कार्यालय से दो झोला कागजात के साथ निलंबित क्लर्क कृष्ण प्रसाद वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
उन पर कार्यालय में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने, कागजात चोरी करने और उनमें छेड़छाड़ करने का आरोप है। सिविल सर्जन ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
दो झोला कागजात जब्त
सिविल सर्जन डाॅ. कृष्ण कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, कृष्ण प्रसाद वर्मा को दो जगह नौकरी करने के मामले में डीएम के निर्देश पर निलंबित किया गया था।
निलंबन के बाद भी दशहरा के छुट्टी के दिन कार्यालय में उनकी मौजूदगी और दो झोला कागजात बरामद होने के बाद मामला गंभीर हो गया।
हालांकि, बरामद कागजात में किस तरह के दस्तावेज शामिल हैं और उनसे किस प्रकार की छेड़छाड़ की गई है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अंदर से ताला बंद कर कार्यालय में घुसे थे किरानी
सिविल सर्जन ने बताया कि निलंबित क्लर्क कार्यालय में अंदर से ताला बंद कर घुसे हुए थे। उनके पास से दो झोला कागजात बरामद किए गए हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई और प्राथमिकी दर्ज कराई गई। कार्यालय के कागजात को इस तरह अपने कब्जे में लेने का मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।
कागजात की जांच के बाद खुलेगा राज
दो झोला कागजात की बरामदगी के बाद अब इन दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि बरामद कागजात किस शाखा से संबंधित हैं, उनमें कौन-कौन से अभिलेख शामिल हैं और उन्हें कार्यालय से बाहर ले जाने के पीछे क्या उद्देश्य था।
यदि दस्तावेजों में किसी प्रकार की छेड़छाड़ की पुष्टि होती है, तो मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है। सिविल सर्जन ने बताया कि जब्त कागजात की जल्द जांच कराई जाएगी।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किरानी किन दस्तावेजों को अपने साथ ले जा रहे थे और मामले में उनकी क्या भूमिका रही है।
दो जगह नौकरी करने के मामले में हुए थे निलंबित
कृष्ण प्रसाद वर्मा का निलंबन पहले से ही दो जगह नौकरी करने के आरोप से जुड़ा है। इसी मामले में डीएम ने उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की थी।
अब कार्यालय से कागजात बरामद होने और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
निलंबित किरानी के खिलाफ पहले भी दर्ज हुई है प्राथमिकी
क्लर्क कृष्ण प्रसाद वर्मा के खिलाफ गोह थाने में पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। गोह पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने 10 अक्टूबर 2026 को आवेदन देकर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने कांड संख्या 278/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। प्राथमिकी के अनुसार, कृष्ण प्रसाद वर्मा पर औरंगाबाद सिविल सर्जन कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत रहते हुए गोह पीएचसी में भी नियमित रूप से कार्य करने और दोनों जगह से वेतन लेने का आरोप है।
आवेदन में इसे धोखाधड़ी और जालसाजी बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
