बेटे की मौत का इंतकाम लेने के लिए 2 साल बाद उसी दिन कराया कत्ल, औरंगाबाद में पिता समेत 6 गिरफ्तार
औरंगाबाद में बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए एक पिता ने दो साल बाद मुमताज की हत्या की साजिश रची।
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औरंगाबाद के दाउदनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते एसडीपीओ चंद्रभूषण एवं गिरफ्तार आरोपित। (सौजन्य : जिला पुलिस
HighLights
बेटे की हत्या का बदला लेने को पिता ने की हत्या।
पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत छह आरोपियों को दबोचा।
दुर्गा पूजा सप्तमी के दिन हुई वारदात का खुलासा।
संवाद सूत्र, दाउदनगर (औरंगाबाद)। बेटे की हत्या का बदला लेने की आग एक पिता के मन में दो साल तक सुलगती रही।
पुलिस के अनुसार, इसी प्रतिशोध में उसने दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन मुमताज की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिलाया।
रफीगंज थाना क्षेत्र के औरवां गांव निवासी 40 वर्षीय मुमताज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मृतक पिछले पांच वर्षों से दाउदनगर के न्यू एरिया मोहल्ले में किराये के मकान में रह रहा था।
शनिवार शाम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रभूषण ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर को मुमताज के स्वजन ने गोह थाने में उसकी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस संबंध में कांड संख्या 292/26 दर्ज किया गया था। पुलिस उसकी तलाश में तकनीकी अनुसंधान और अन्य साक्ष्य जुटा रही थी।
इसी बीच 21 अक्टूबर को गोह थाना क्षेत्र के अल्हन परासी गांव के समीप एक अज्ञात शव बरामद हुआ। उसकी पहचान मुमताज के रूप में हुई। इसके बाद गुमशुदगी के मामले को हत्या की धाराओं में बदल दिया गया।
एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज से जोड़े सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया। इसमें गोह और बंदेया थाने की पुलिस को शामिल किया गया।
सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लवकुश कुमार (21 वर्ष), निवासी फाग, गोह और धर्मेंद्र कुमार (30), निवासी रामपुर, गोह को हिरासत में लिया।
पूछताछ में दोनों ने अन्य साथियों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने रामपुकार यादव (59) और सत्यम सिंह (40), दोनों निवासी औरवां, रफीगंज, अर्जुन कुमार (30), निवासी रामपुर, गोह तथा योगेश यादव (48), निवासी नेयामतपुर, गोह को गिरफ्तार कर लिया।
बेटे की हत्या के संदेह में रची बदले की साजिश
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपित रामपुकार यादव ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2023 में दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन उसके बेटे की हत्या कर शव रेलवे पटरी पर फेंक दिया गया था।
मामले में प्राथमिकी हुई थी। रामपुकार को संदेह था कि उसके बेटे की हत्या मुमताज ने की थी। इसी संदेह के कारण वह बदला लेने की साजिश रच रहा था।
पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन मुमताज की हत्या कर दी गई। इस तरह बेटे की हत्या के दो साल बाद उसी तिथि पर कथित तौर पर प्रतिशोध की वारदात को अंजाम दिया गया।
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार, मुमताज का मोबाइल फोन और उसकी बाइक बरामद की है। सभी छह आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
