यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मजबूत है मगध की संस्कृति व सांस्कृतिक धरोहर
संवाद सूत्र, हसपुरा (औरंगाबाद) : प्रखंड के टाल गांव में शुक्रवार को प्रगतिशील मगही समाज

संवाद सूत्र, हसपुरा (औरंगाबाद) : प्रखंड के टाल गांव में शुक्रवार को प्रगतिशील मगही समाज के जन जागरण अभियान कार्यक्रम के तहत आमसभा की गई। अध्यक्षता पूर्व प्रधानाध्यापक जगतानंद कर्ण एवं संचालन रामवचन ¨सह ने की। मगही के उत्थान पर चर्चा की गई। कहा गया कि मगही समाज के विकास के लिए जागरण अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। मुख्य वक्ता रहे डॉ. गौरीशंकर यादव ने कहा कि आज मगध के साथ पूरे देश से स्थानीय कच्चे माल और श्रम शक्ति का बेरोकटोक महानगरों की ओर पलायन हो रहा है। यह बीमार अर्थ नीति का लक्षण है। कहा कि भारत ग्रामीण सभ्यता वाला देश रहा है। अपनी परंपरागत व्यवस्था के आधार पर ही यह देश कभी सोने की चिड़िया और विश्व गुरु बना था लेकिन आज अंग्रेजों द्वारा बनाई गई आर्थिक नीति ने आमजन को अपने परिजन, अपनी संस्कृति, अपनी मातृभाषा से दूर मात्र रोटी-रोजी के लिए पलायन को विवश कर दिया है। संघर्ष मगध से शुरू हो गई है जो पूरे देश मे चलेगी। समाज के सुशील रंजन, प्रो. अलखदेव प्रसाद अचल ने कहा कि भारत को पशु बनाने वाली भोगवादी संस्कृति और मुट्ठी भर लोगों को संपन्न कर अधिसंख्यक देशवासी को दरिद्रता के दलदल में ले जाने वाली विदेशी मॉडल नहीं चाहिए। प्रगतिशील मगही समाज अपनी परंपरागत व्यवस्था के आधार पर मगध को आर्थिक-सांस्कृतिक रूप से आत्मनिर्भर करने के लिए गठित संगठन है। कहा कि यह अपनी मातृभाषा मगही को मगध क्षेत्र के कामकाज और पढ़ाई लिखाई की भाषा बनाकर इससे जुड़ी लोक संस्कृति और इतिहास को पुनर्जीवित कर मगधवासी में आत्म गौरव, स्वाभिमान और नैतिक भाव पैदा करते हुए, यहां पाए जाने वाले सभी तरह के खनिज, वन और कृषि संपदा पर आधारित उद्योग लगाकर सभी मगधवासी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंदोलन रत है। कहा कि मगध के सभी संसाधन पर और मगध क्षेत्र में स्थित विभिन्न बैंकों में जमा राशि एवं सभी तरह के टैक्स से प्राप्त राशि पर पहला हक मगधवासी का है। इसे मगध को ही आत्मनिर्भर बनाने में सर्वप्रथम उपयोग करना होगा। पंसस रामजीत राम, प्रमोद शर्मा, मुखिया नीलम देवी, उपमुखिया रेणु देवी, पंसस रामजीत राम, वालविष्णु प्रसाद, कामाख्या ¨सह, गजेंद्र यादव उपस्थित रहे।