औरंगाबाद। दाउदनगर थाना क्षेत्र के ममरेजपुर गांव निवासी जगदीश मेहता के पुत्र दुकानदार कृष्णा कुमार (46 वर्ष) की अपराधियों ने हत्या कर दी है। हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को पुनपुन नदी में फेंक दिया। बुधवार को जम्होर एवं ओबरा थाना पुलिस ने मृतक का शव जम्होर थाना क्षेत्र के अमिलौना टोले जोगी बिगहा गांव के पास पुनपुन नदी से बरामद किया है। कृष्णा करीब 16 वर्षों से अपने परिवार के साथ ओबरा के सोनार मोहल्ला में रहता था। यही वेल्डिग व ग्रिल बनाने की दुकान चलाता था।

जम्होर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि सोमवार को वह अपने घर से करीब 10 बजे दुकान के लिए निकला था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो स्वजनों ने खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों के यहां पता लगाया परंतु कहीं नहीं मिला। उसके पुत्र सोनू कुमार ने मंगलवार को पिता के गुमशुदगी की शिकायत ओबरा थाना में दर्ज कराई थी। बुधवार को ग्रामीणों ने नदी में शव देखकर सूचना दी। सूचना पर जम्होर पुलिस ओबरा थाना पुलिस पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को स्वजनों को सौंप दिया गया।

ओबरा थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि प्रथम ²ष्टया हत्या का मामला है। स्वजनों के बयान पर हत्या की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। बताया कि कृष्णा कुमार के गले पर निशान पाया गया है। इससे लगता है अपराधियों ने गला दबाकर हत्या की है। उसके पुत्र सोनू कुमार एवं मोनू कुमार ने हत्या का आरोप लगाते हुए इस घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग पुलिस से की है। दोनों ने पुलिस को बताया कि उसके पिता की हत्या की गई है। साक्ष्य छिपाने की नीयत से अपराधियों ने शव को नदी में फेंक दिया है। दोनों ने पुलिस से कार्रवाई करने की गुहार लगाई। कहा कि पिता के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए। ग्रिल दुकानदार की हत्या से ओबरा के व्यवसायियों में दहशत कायम हो गया है। व्यवसायियों का कहना है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। सभी ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। उधर, इस मामले में पैसे के लेनदेन के कारण घटना को अंजाम दिए जाने की बात बताई जा रही है।

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