औरंगाबाद में खुद को SP बताकर करता था अवैध वसूली, शराब के नशे में उगले सारे राज
औरंगाबाद पुलिस ने शराब के नशे में खुद को फर्जी आईपीएस बताकर हंगामा कर रहे विकास कुमार को गिरफ्तार किया।

औरंगबाद में फर्जी आईपीएस गिरफ्तार। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। नगर थाना पुलिस द्वारा शहर के जसोइया मोड़ के पास से सोमवार शाम शराब के नशे में फर्जी प्रशिक्षु आइपीएस बताकर राहगीरों से गाली-गलौज और हंगामा कर रहे युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक विकास कुमार गयाजी के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कदिबरिया गांव का निवासी है।
पुलिस उसकी तलाश 11 सितंबर से कर रही थी। 11 सितंबर को वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार फर्जी आइपीएस बने युवक ने पकड़े जाने के दौरान नगर थाना के पुलिस पदाधिकारी के साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की करने लगा। वर्दी का कालर पकड़ लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर ब्रेथ एनालाइजर से जांच किया तो शराब पीने की पुष्टि हुई।
राहगीरों के साथ करता था गाली गलौज
थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि सोमवार शाम सूचना मिली थी कि जसोइया मोड़ पर एक व्यक्ति शराब के नशे में खुद को प्रशिक्षु आइपीएस बताकर लोगों को भयभीत कर रहा है। सूचना पर गश्ती दल मौके पर पहुंचा। वहां युवक राहगीरों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करता मिला।
पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर नाम एवं पता पूछा तो वह आक्रोशित हो गया और खुद को आइपीएस बताते हुए पुलिसकर्मियों से उलझने लगा।
थानाध्यक्ष के अनुसार, थाना चलने की बात कहने पर युवक ने पुलिस पदाधिकारी की वर्दी का कालर पकड़ लिया और धक्का-मुक्की करने लगा। इसके बाद पुलिसकर्मी के सहयोग से उसे थाना लाया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार को उसे जेल भेजा गया है।
फर्जी आइपीएस विकास ने उगले कई राज
फर्जी आइपीएस (एसपी) बनकर वसूली करने के मामले में गिरफ्तार विकास ने पुलिसिया पूछताछ में कई अहम जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, वह बिहार से लेकर झारखंड तक फर्जी अंगरक्षक के साथ वाहनों से वसूली करता था।
मोहनिया चेकपोस्ट समेत हाइवे के अन्य चेक पोस्टों पर वसूली करने की बात सामने आई है। विकास ने गिरोह में शामिल कई सदस्यों के नाम पुलिस को बताए हैं। वह वाहन में पुलिस की वर्दी रखता था और जरूरत के अनुसार उसका इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव जमाता था।
छापामारी का बहाना बनाकर थाना के सरकारी नंबर पर काल कर पुलिसकर्मी की मांग करता था। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पटना का एसएसपी बनकर गलता सूचना देने मेें जा चुका है जेल
पुलिस के मुताबिक टेकारी थाना से इसके बारे में जानकारी मिली कि वह पहले खुद को पटना का एसएसपी बताकर ट्रेन को बम से उड़ाने की सूचना देने के मामले में जहानाबाद रेल थाना कांड संख्या 56/23 में नामजद रहा है।
गयाजी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में खुद को डीएसपी बताकर धोखाधड़ी करने के आरोप में कांड संख्या 664/26 दर्ज होने की जानकारी मिली है।
जब्त मोबाइल से खुलेगा फर्जीवाड़े का राज
पुलिस के अनुसार विकास के पास से जब्त एंड्रायड मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। मोबाइल को जब्त कर पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई। इसके गिरोह के तार का पुलिस जांच कर रही है।
