औरंगाबाद। डीएम राहुल रंजन महिवाल के निर्देश पर डीडीसी संजीव कुमार ¨सह एवं सिविल सर्जन डा. अमरेंद्र नारायण झा ने बुधवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में डीडीसी ने कई खामियां पाई। डीडीसी ने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया। मरीजों से इलाज के बारे में जानकारी ली। समस्याओं से अवगत हुए। यहां के बाद डीडीसी ने दवा एवं जांच घर का निरीक्षण किया। शौचालय की स्थिति को देखा। शौचालय देख डीडीसी भड़क उठे। डीडीसी ने उपाधीक्षक को शीघ्र साफ कराने का निर्देश दिया। टीबी विभाग में अनियमितता देखी गई। लैब की स्थिति सुधारने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने नवजात शिशु इकाई एवं एसएनसीयू की सराहना की। प्रसव वार्ड की व्यवस्था को बढ़ाने का निर्देश दिया। डीडीसी एवं सीएस ने यहां के बाद महिला एवं पुरुष वार्ड का निरीक्षण किया। आइसीयू की व्यवस्था को देखा। बता दें कि यहां अधिकारी आइसीयू का दर्शन जरूर कर लेते हैं परंतु इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद डीडीसी ने अस्पताल के अधिकारी से लेकर सभी कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच की। उपस्थिति पंजी में अनियमितता पाया। ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सक डा. आसीत रंजन, डा. अमित वर्मा एवं डा. अशोक कुमार को अनुपस्थित करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की। डीडीसी ने बताया कि अस्पताल उपाधीक्षक द्वारा विधि व्यवस्था का देखरेख नहीं किया जा रहा है। चिकित्सक एवं कर्मी अपना मन से कार्य करते हैं। उपस्थिति पंजी की जांच में डाटा आपरेटर रोहित कुमार शाही, संतोष कुमार ¨सह, ड्रेसर त्रिवेणी राम, सुनील कुमार, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी सुनील कुमार राम, मनोज कुमार, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, संतोष कुमार पासवान एवं नंदन कुमार एवं डाटा आपरेटर संतोष कुमार ¨सह को अनुपस्थित किया गया। सभी से डीडीसी ने स्पष्टीकरण की मांग की। डीडीसी ने बताया कि सभी का जांच रिपोर्ट विभाग को सौंप दिया जाएगा। उपाधीक्षक को अस्पताल की विधि व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है। बता दें कि सदर अस्पताल की व्यवस्था अत्यंत बदहाल है।

Posted By: Jagran