औरंगाबाद। भाकपा माओवादी नक्सली सीधा वार में जवानों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। नक्सली आइइडी विस्फोट कर अपनी योजना में सफल होते हैं। किसी भी चुनाव के समय नक्सली सक्रिय हो जाते हैं। नक्सली घटनाओं पर नजर डालें तो 7 अप्रैल 2014 को पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों के द्वारा ढिबरा थाना के बरंडा मोड़ पर लगाए गए आइइडी विस्फोट में भलुआही सीआरपीएफ कैंप के डिप्टी कमांडेंट इंद्रजीत कुमार शहीद हो गए थे। इस घटना में दो जवान अपनी शहादत दी थी और करीब 15 घायल हुए थे। घटना में उस समय ढिबरा थानाध्यक्ष रहे अमर कुमार चौधरी गंभीर रूप से घायल हुए थे। एसआइ अमर चौधरी अब तक सही रूप से ठीक नहीं हुए हैं। तीन दिसंबर वर्ष 2013 को नक्सलियों ने नवीनगर-टंडवा रोड में उत्तर कोयल नहर के पास आइइडी विस्फोट कर टंडवा थानाध्यक्ष रहे अजय कुमार समेत 9 जवानों को मौत के घाट उतार दी थी। इस घटना में पुलिस जीप का परखच्चा उड़ गया था। नक्सली आइइडी के माध्यम से कई बार जवानों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना चुके हैं परंतु सूचना के बाद त्वरित कार्रवाई के कारण नक्सली अपनी मकसद में कामयाब नहीं हुए। 23 नवंबर 2018 को जिला पुलिस के द्वारा मुफस्सिल थाना के देव मोड़ खैरा सलीम के पास से तीन नक्सलियों को आइइडी के साथ गिरफ्तार किया था। 13 मार्च 2018 को ढिबरा थाना के झरना के जंगल से जिला पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों ने आइइडी बरामद की थी। 12 मई 2018 को जिला पुलिस के द्वारा मुफस्सिल थाना के छोटकी बेला गांव के बधार से दो आइइडी को बरामद किया था। 19 जून 2018 को पुलिस ने सलैया थाना के टिकवा स्थान के पास से काफी संख्या में आइइडी ब्लास्ट करने वाला तार, डेटोनेटर, स्वीच समेत विस्फोटक पदार्थ को बरामद की थी। 12 जून 2018 को जिला पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों ने ढिबरा थाना के ढाबी जंगल से बम को बरामद कर नक्सलियों की योजना को विफल किया था। इसके अलावा पुलिस ने कई अन्य जगहों से नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आइइडी को बरामद कर उनकी योजना को विफल कर चुकी है।

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने ढिबरा थाना के बरंडा मोड़ पर आइइडी विस्फोट कर ढिबरा थाना पुलिस जीन का उड़ा दिया था। हालांकि इस घटना में सभी पुलिसकर्मी बाल बाल बच गए थे।

Posted By: Jagran

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