यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: औरंगाबाद में तीन लाख के इनामी नक्सली समेत दो गिरफ्तार, केंद्रीय एजेंसी भी कर रही थी तलाश
Aurangabad News नक्सल अभियान की टीम ने भाकपा माओवादी संगठन के सबजोनल कमांडर राजेंद्र सिंह (57 वर्ष) और विजय पासवान ...और पढ़ें

HighLights
- भाकपा माओवादी सबजोनल कमांडर समेत दो नक्सली गिरफ्तार
- दो देशी कट्टा, 13 कारतूस और मोबाइल बरामद, माली से हुई गिरफ्तारी
- 21 कांडों में शामिल रहा है गिरफ्तार सबजोनल कमांडर राजेंद्र
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। नक्सल अभियान की टीम ने भाकपा माओवादी संगठन के सबजोनल कमांडर राजेंद्र सिंह (57 वर्ष) और विजय पासवान (42 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। दोनों नक्सलियों की गिरफ्तारी गुरुवार को माली थाना क्षेत्र के बेला खैरा गांव से की गई है।
गिरफ्तार नक्सलियों के पास से दो देशी कट्टा, 13 कारतूस और मोबाइल बरामद की गई है। गिरफ्तार सबजोनल कमांडर माली थाना क्षेत्र के सोरी और विजय बेला खैरा गांव का निवासी है।
खैरा गांव में छिपे थे दोनों
गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए एसपी स्वप्ना गौतम मेश्राम ने बताया कि दोनों नक्सलियों के बेला खैरा गांव में छिपे होने की सूचना पर गिरफ्तारी के लिए एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर गांव की घेराबंदी कर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान लूटन सिंह के घर से दोनों की गिरफ्तारी हुई। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार सब जोनल कमांडर पर बिहार सरकार द्वारा तीन लाख इनाम घोषित किया गया था। सबजोनल कमांडर बिहार के अलावा झारखंड के नक्सली कांडों में शामिल रहा है।
औरंगाबाद में 11, गया में पांच नक्सली कांड दर्ज हैं
औरंगाबाद में 11 और गया जिले के विभिन्न थाना में पांच नक्सली कांड दर्ज है। झारखंड के छतरपुर थाना में एक नक्सली कांड के मामले में आरोपित है। एसपी ने बताया कि सबजोनल कमांडर के साथ गिरफ्तार विजय पासवान कौन से नक्सली कांडों में आरोपित है इसके बारे में विवरण खंगाला जा रहा है।
बताया कि हाल के दिनों में एक अगस्त 2024 को दोनों के खिलाफ माली थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी हुई थी। दोनों की गिरफ्तारी के लिए बिहार के साथ झारखंड की नक्सल अभियान की टीम लगी हुई थी।
पहले घर से लेकर अन्य कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी पर गिरफ्तार नहीं हुए थे। प्रेसवार्ता में एएसपी अभियान दिवेश मिश्रा, एसएसबी के कमांडेंट एचके गुप्ता, सहायक कमांडेंट धर्मेंद्र कुमार, एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय मौजूद रहे।
मोबाइल सीडीआर से मिले अहम सुराग
गिरफ्तारी के बाद 29 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल गया की टीम और जिला पुलिस ने माली थाना में पूछताछ की तो माओवादी संगठन के बारे में कई राज बताया है। नक्सलियों को लेवी देने, सहयोगियों से लेकर आश्रय दाताओं के बारे में बताया है।
बताया जाता है कि सशस्त्र सीमा बल की सूचना पर सबजोनल कमांडर की गिरफ्तारी में सफलता मिली है। बताया गया कि सब जोनल कमांडर के पास से बरामद मोबाइल के सीडीआर से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
यह भी पढ़ें -
मुजफ्फरपुर में डेटा एंट्री ऑपरेटर की हत्या, लुटेरों ने चलती बाइक पर मारी गोली; सामान लूटकर भागे
