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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar: 'लाल साड़ी करे पुकार, नहीं सहेंगे अत्याचार...', आंगनबाड़ी सेविकाओं ने MP सुशील कुमार सिंह को सौंपा ज्ञापन

By Shubham Kumar SinghEdited By: Mohit Tripathi
Published: Sat, 04 Nov 2023 06:36 PM (GMT+05:30)

Bihar News बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहीं सेविका और ...और पढ़ें

सेविका व सहायिकाओं को संबोधित करते सांसद सुशील कुमार सिंह। (जागरण फोटो)
सेविका व सहायिकाओं को संबोधित करते सांसद सुशील कुमार सिंह। (जागरण फोटो)

HighLights

  1. 36 दिनों से हड़ताल पर हैं सेविका और सहायिका।
  2. सांसद से मुलाकात कर सौंपा मांगों से संबंधित ज्ञापन।
  3. पीएम मोदी का सहानुभूति है आपके साथ : सांसद।

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सेविका और सहायिकाएं (Anganwadi Workers) शनिवार को पुरानी जीटी रोड स्थित सिंह कोठी परिसर में सांसद सुशील कुमार सिंह (Sushil Kumar Singh) के आवास पर पहुंचीं। सैकड़ों की सेविका और सहायिकाओं ने सांसद को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। सेविका और सहायिकाएं इस दौरान, 'लाल साड़ी करे पुकार, हम नहीं सहेंगे अत्याचार...' का नारा लगाती दिखीं।

हड़ताल के 36 दिन बाद भी उदासीन है सरकार

जिला मंत्री मीना कुमारी सिन्हा और जिलाध्यक्ष पद्मावती कुमारी ने बताया कि 29 सितंबर से मांगों के समर्थन पर हम सभी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के 36 दिन बीतने के बावजूद सरकार (Bihar Government) द्वारा कोई प्रति उत्तर नहीं दिया गया है। सेविका और सहायिकाओं के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है। हमारी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है।

क्या है सेविका और सहायिकाओं की मांग?

सेविका और सहायिकाओं की मांग है कि राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपये सुनिश्चित की जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में गुजरात की भांति बिहार में ग्रेच्युटी भुगतान करना सुनिश्चित की जाए। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए ग्रेड सी और ग्रेड डी में समायोजित किया जाए।

सेविका और सहायिकाओं की मांग है कि जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता है, तबतक सेविकाओं को 25 हजार रुपये और सहायिकाओं को 18 हजार प्रतिमाह मानदेय राशि दी जाए। योग्य सहायिका को सेविका में बहाली हेतु अतिरिक्त 10 बोनस अंक देने का प्रावधान लागू किया जाए।

इसके अलावा, सेविका से सुपरवाइजर में प्रोन्नति तथा सेविका और सहायिका के रिक्त सभी पदों पर अविलंब बहाली सुनिश्चित की जाए। 16 मई 2017 एवं 20 जुलाई 2022 के समझौते के आलोक में लंबित मांगों को लागू किया जाए।

सांसद ने सेविका और सहायिकाओं की मांगों को संसद में उठाने की कही बात   

सेविका और सहायिकाओं को संबोधित करते हुए सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि हमारे नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहानुभूति आपके साथ है। लोकसभा का एक सत्र चलने वाला है। 17वीं लोकसभा के कार्यकाल में अध्यक्ष से आग्रह करेंगे। अगर मौका मिलता है, तो मजबूती से आपकी मांग उठाएंगे। इस संबंध में सरकार को पत्र लिखेंगे।

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