996 करोड़ खर्च कर सोन नदी का पानी फल्गु में पहुंचाएगी बिहार सरकार, ऐसे पूरा होगा प्रोजेक्ट
बिहार सरकार ने सोन नदी का पानी फल्गु नदी तक पहुंचाने की 996 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी ...और पढ़ें

फल्गु नदी में सालोंभर रहेगा पानी। फाइल
HighLights
सोन नदी का पानी फल्गु नदी तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना।
996 करोड़ रुपये की परियोजना को कैबिनेट से मिली स्वीकृति।
गया में पेयजल और पिंडदानियों को मिलेगी वर्षभर सुविधा।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। सोन नदी का पानी गया की फल्गु नदी में पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना पर सरकार के द्वारा जल्द काम शुरू किया जाएगा।
राज्य कैबिनेट से योजना के लिए 996 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद अब डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इसके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी। कंसल्टेंट के चयन के बाद योजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार होगा। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
सोन नदी में बनेगा इंटेक वेल
सिंचाई विभाग के अनुसार एनटीपीसी बिजली परियोजना के पास सोन नदी में इंटेक वेल का निर्माण कराया जाएगा। वहां से उत्तर कोयल नहर की नाउर उप वितरणी के माध्यम से पाइपलाइन के सहारे पानी को उत्तर कोयल नहर मुख्य कैनाल तक पहुंचाया जाएगा।
इसके बाद पानी को उत्तर कोयल नहर के माध्यम से गयाजी के गुरुआ नदी क्षेत्र तक ले जाने की योजना है। गुरुआ के पास मोरहर नदी में इंटेक वेल के माध्यम से पाइपलाइन से पानी को फल्गु नदी में गिराया जाएगा।
हर समय फल्गु में रहेगा पानी, पिंडदानियों को भी मिलेगी सुविधा
इस परियोजना का उद्देश्य फल्गु नदी में वर्षभर स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे गयाजी शहर में पेयजल की व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों को भी पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
बताया गया कि फल्गु नदी में पहले से ही गंगा का पानी पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया गया है। इसके अलावा रबर डैम का निर्माण कर नदी में पानी का भंडारण भी किया गया है।
सोन नदी का पानी पहुंचने के बाद फल्गु में जल उपलब्धता और बढ़ने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद ने बताया कि योजना के लिए कैबिनेट से 996 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
अभी एजेंसी की नियुक्ति नहीं हुई है। कंसल्टेंट नियुक्त होने के बाद डीपीआर तैयार होगा। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर योजना का कार्य शुरू किया जाएगा।
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