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नहरों में पानी का प्रवाह होगा बेहतर, औरंगाबाद में 5 योजनाओं पर खर्च होंगे 36.60 करोड़ रुपये

Published: Sat, 24 Oct 2026 04:31 PM (IST)

औरंगाबाद में सोन उच्चस्तरीय नहर और उपवितरणियों के जीर्णोद्धार पर 36.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह परियोजना मार्च 2027 तक ...और पढ़ें

सोन उच्चस्तरीय नहर। सौ. सिंचाई विभाग

सोन उच्चस्तरीय नहर। सौ. सिंचाई विभाग

HighLights

  1. सोन नहर जीर्णोद्धार पर 36.60 करोड़ रुपये का खर्च।

  2. मार्च 2027 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य।

  3. किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी, पानी पहुंचेगा।

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। सोन उच्चस्तरीय नहर और उससे निकलने वाली उपवितरणियों की सूरत बदलने की तैयारी है।

नहरों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, सुरक्षा दीवार के निर्माण और फील्ड चैनलों को दुरुस्त करने सहित विभिन्न कार्यों पर 36.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमंडल, औरंगाबाद की ओर से इन कार्यों के लिए पांच योजनाओं की निविदा निकाली गई है। सभी योजनाओं को मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाने में आने वाली बाधाएं दूर होने और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

नहरों और उपवितरणियों के क्षतिग्रस्त रहने के कारण कई जगहों पर खेतों तक पानी पहुंचने में परेशानी होती है। इसे देखते हुए विभाग ने मुख्य नहर के साथ विभिन्न माइनरों और उपवितरणियों की मरम्मत की योजना बनाई है।

इसके तहत नहरों का जीर्णोद्धार, फील्ड चैनलों की मरम्मत, सुरक्षा दीवार का निर्माण और ब्रिक ब्लाक पिचिंग का कार्य कराया जाएगा।

मुख्य नहर की मरम्मत पर खर्च होंगे 15.31 करोड़

सोन उच्चस्तरीय मुख्य नहर के जीर्णोद्धार पर 15.31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, अदरी मध्यम सिंचाई योजना के तहत सिमरा उपवितरणी की मरम्मत, विभिन्न स्थानों से निकलने वाले फील्ड चैनलों की मरम्मत और अदरी नहर के जीर्णोद्धार पर 7.26 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।

इन कार्यों का उद्देश्य नहरों की जल प्रवाह क्षमता में सुधार करना और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

माइनरों में बनेगी सुरक्षा दीवार, होगी पिचिंग

जगतपुर माइनर के बाएं तटबंध पर सुरक्षा दीवार का निर्माण और दाएं तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी। इसके साथ ही मधुपुर, सुदामापुर और घोराहा माइनरों का जीर्णोद्धार भी होगा।

इन कार्यों पर करीब 4.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, सोन उच्चस्तरीय मुख्य नहर के 33.04 और 34.45 किलोमीटर पर सीआर गेट के दायीं तरफ सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।

विभिन्न स्थानों पर ब्रिक ब्लाॅक पिचिंग के लिए करीब 3.99 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त महथु उपवितरणी के जीर्णोद्धार पर लगभग 5.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

किसानों को मिलेगी राहत

सदर प्रखंड के बतवां गांव निवासी किसान विनय यादव और जम्होर के अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नहरों के क्षतिग्रस्त रहने से खेतों तक पानी पहुंचने में परेशानी होती है। उपवितरणियों की मरम्मत होने से सिंचाई की सुविधा बेहतर होगी और किसानों को राहत मिलेगी।किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नहरों और उपवितरणियों के जीर्णोद्धार के लिए निविदा निकाली गई है। कार्य पूरा होने के बाद नहरों के अंतिम छोर तक पानी निर्बाध रूप से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

नवल किशोर कुमार, कार्यपालक अभियंता, सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमंडल, औरंगाबाद

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