सोन नहर का 56 करोड़ से होगा कायाकल्प, भोजपुर-रोहतास में सुधरेगी सिंचाई व्यवस्था
सोन नहर प्रमंडल, आरा के तहत सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए 56 करोड़ रुपये की योजना बनी है। यह ...और पढ़ें

सोन नहर का 56 करोड़ से होगा कायाकल्प, भोजपुर-रोहतास में सुधरेगी सिंचाई व्यवस्था (AI Generated Image)

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राणा अमरेश सिंह, आरा। सोन नहर प्रमंडल, आरा के अंतर्गत सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है। इस योजना की प्राक्कलित राशि 56 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
यह योजना आरा मुख्य नहर से निकलने वाली विभिन्न वितरणियों और उप वितरणियों के पुनर्स्थापन के लिए बनाई गई है। इस योजना को हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया है।
सोन नहर प्रमंडल का कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि विस्तृत योजना प्रतिवेदन मुख्यालय भेजा गया है। इस योजना को हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया है।
योजना में आरा मुख्य नहर की असनी, धनुपुरा, चौरी, बिडियांच, हसनपुर, केशरी, तार, कोइलवर, झापपुर, नारायणपुर, जितेन्द्र, दिलिया-नारायणपुर सहित कई वितरणियों को शामिल किया गया है।
इन नहरों के विभिन्न हिस्सों में सफाई, मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही आरपीसी-2, आरपीसी-3, आरपीसी-4, एलपीसी-बी, एलपीसी-सी, एलपीसी-डी, एलपीसी-ई और एलपीसी-एफ जैसी उप वितरणियों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
योजना के तहत नहरों की गाद सफाई, बांधों की मरम्मत तथा चैनल सुधार का कार्य किया जाएगा। तार वितरणी में 6.70 किलोमीटर पर एल-डी सायफन निर्माण का प्रविधान रखा गया है।
11 पुल और 21 स्थानों पर फाल का निर्माण
इसके अतिरिक्त 11 नए पुल और पुलियों का निर्माण किया जाएगा। 21 स्थानों पर फाल एवं ब्रिज का पुनर्निर्माण होगा। 350 आउटलेट बनाए जाएंगे, जिससे खेतों तक पानी पहुंचाने में सुविधा होगी। कुल 244 स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य भी किए जाएंगे।
इस परियोजना के लागू होने से रोहतास और भोजपुर जिले के कई प्रखंडों को लाभ मिलेगा। रोहतास जिले के काराकाट और नासरीगंज प्रखंड शामिल हैं। वहीं भोजपुर जिले के पीरो, जगदीशपुर, बिहिया, आरा, उदवंतनगर, गड़हनी, अगिआंव, सहार, संदेश और तरारी प्रखंडों को सीधा फायदा होगा।
32 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचा
इस योजना से लगभग 32,317 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन होगा। इससे क्षेत्र के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। खेती की लागत घटेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। योजना जल संसाधन विभाग के अद्यतन अनुसूचित दर पर तैयार की गई है।
कार्य की महत्ता को देखते हुए इसकी स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि योजना लागू होने के बाद सिंचाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा।
